RANCHI:रांची में शुक्रवार को नव नियुक्त अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) धनंजय ने पदभार ग्रहण किया, वहीं दूसरी ओर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग और जिला अनाबद्ध निधि योजनाओं की समीक्षा बैठक में कई फैसले लिए गए। इसके साथ ही रूडसेट संस्थान सिल्ली द्वारा महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल समापन भी किया गया।
समाहरणालय स्थित कार्यालय में नव नियुक्त अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) धनंजय ने राजेश्वर नाथ आलोक से पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण के दौरान जिले की कानून व्यवस्था, आगामी चुनौतियों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। धनंजय ने कहा कि जिले में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी।
वहीं शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के खराब परीक्षा परिणामों को गंभीरता से लेते हुए सख्त निर्देश जारी किए। कक्षा 10वीं में 10 प्रतिशत से अधिक छात्र फेल होने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय में खराब परिणाम वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और विज्ञान शिक्षकों से भी जवाब मांगा गया।
ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई। जिले के 233 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने और 215 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही बिना डिजिटल उपस्थिति दर्ज किए वेतन भुगतान नहीं करने की चेतावनी दी गई।
इसी क्रम में जिला अनाबद्ध निधि (District Unattached Fund) योजनाओं की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने डीएमएफटी, एमपीएलएडीएस और विधायक निधि से संचालित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को संवेदकों के साथ शीघ्र एकरारनामा कर काम शुरू कराने को कहा गया ताकि जनहित की योजनाएं तय समय पर पूरी हो सकें।
दूसरी ओर रूडसेट संस्थान, सिल्ली ने ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तीन प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल समापन किया। 30 दिवसीय वूमेन्स गारमेंट्स प्रशिक्षण में 35 महिलाओं को सिलाई, डिजाइनिंग और स्वरोजगार से जुड़ी जानकारी दी गई। वहीं 13 दिवसीय कमर्शियल हॉर्टीकल्चर प्रशिक्षण में 25 प्रतिभागियों को आधुनिक बागवानी तकनीकों और उद्यमिता की जानकारी प्रदान की गई।
इसके अलावा 31 दिवसीय फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी प्रशिक्षण कार्यक्रम में 10 युवाओं को कैमरा संचालन, वीडियो एडिटिंग, डिजिटल मार्केटिंग और स्वरोजगार के गुर सिखाए गए। इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

