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Women’s University : वीमेंस यूनिवर्सिटी ने अधूरी सूचना के साथ जारी किया गेस्ट फैकल्टी बहाली का विज्ञापन, 10 जून तक अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन

Women's University : पद, मानदेय के साथ ही योग्यता की जानकारी भी नहीं दी, कुलपति ने कहा- निष्पक्ष होगी नियुक्ति प्रक्रिया

by Birendra Ojha
Jamshedpur Women’s University
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जमशेदपुर : गेस्ट फेकल्टी की नियुक्ति को लेकर जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार (प्रभारी) द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, कुल 17 विभागों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 10 जून तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, इस नोटिफिकेशन के जारी होते ही विवि सवालों के घेरे में आ गया है, क्योंकि इस विज्ञापन में कई आवश्यक जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और नीयत को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

आर्थिक संकट, वेतन बकाया और प्रशासनिक अव्यवस्था के बीच शुरू हुई यह नई बहाली प्रक्रिया अब चर्चा और विवाद का विषय बनती जा रही है। जारी नोटिस में इस बात का भी उल्लेख नहीं किया गया कि नियुक्तियां स्थायी होंगी या संविदा। यदि संविदा आधारित होंगी तो उनका कार्यकाल कितना होगा। इसके अतिरिक्त चयनित अभ्यर्थियों को दिए जाने वाले मानदेय का भी कोई उल्लेख नहीं है। योग्यता के नाम पर केवल यूजीसी एवं एआईसीटीई के नियमानुसार, लिखकर औपचारिकता पूरी कर दी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कहना है कि किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया में सेवा शर्तें, अवधि और भुगतान संरचना का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य होता है, लेकिन यहां इन महत्वपूर्ण तथ्यों को पूरी तरह अस्पष्ट रखा गया है।

कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनधारियों का वेतन लंबित, फिर भी नई बहाली

महिला विश्वविद्यालय में वित्तीय अव्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। संविदा और टॉपर शिक्षकों का वेतन महीनों से लंबित है, जबकि आउटसोर्स कर्मियों का करीब चार माह का भुगतान जुलाई 2025 से बकाया बताया जा रहा है। कुलपति ने सात दिनों में वेतन जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 15 दिन बाद भी भुगतान नहीं हुआ। स्थिति यह है कि मार्च और अप्रैल 2026 तक का वेतन तथा पेंशन भी लंबित है। ऐसे में नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने पर विश्वविद्यालय समुदाय सवाल उठा रहा है।

पुरानी बहालियों की यादें फिर ताजा, धांधली की आशंका गहराई

विश्वविद्यालय में पूर्व की बहालियों को लेकर भी समय-समय पर विवाद और अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। विशेष रूप से वोकेशनल शिक्षकों एवं कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्तियों को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। चर्चाओं में यह मामला भी सामने आया था कि तत्कालीन कुलपति कार्यालय में एवरग्रीन एजेंसी की ओर से कार्यरत दिपाशा करण को विशेष अनुकम्पा के आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर बहाल कर लिया गया था, जो उनके रहने तक उनकी कृपापात्र बनी रहीं।

प्रभारी के अंदर प्रभारी व्यवस्था में शुरू हुई बहाली प्रक्रिया

वर्तमान में प्रभारी रजिस्ट्रार सलोमी कुजूर लंबे अवकाश पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में -प्रभारी के अंदर प्रभारी व्यवस्था- के तहत डॉ. अन्नपूर्णा झा के हस्ताक्षर से गेस्ट फैकल्टी नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। गौरतलब है कि पूर्व की विवादित बहालियों में भी डॉ. अन्नपूर्णा झा की भूमिका और देखरेख को लेकर सवाल उठ चुके हैं। ऐसे में इस नई प्रक्रिया को लेकर भी विश्वविद्यालय के भीतर पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर बहस शुरू हो गई है।

इन विभागों में होगी नियुक्ति

जिन विभागों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, उसमे हिंदी, इतिहास, उर्दू, भूगोल, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी, दर्शनशास्त्र, जन्तु विज्ञान, गृह विज्ञान, राजनीति विज्ञान, संगीत, रसायन शास्त्र, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, गणित, मनोविज्ञान शामिल है। लेकिन, किस विभाग में कितने पदों पर नियुक्ति होगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

यह नियुक्ति पूर्व प्रक्रिया के अनुसार ही होगी, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार लचीलापन रखा जाएगा। कुलपति सम्मेलन में सरकार ने दो महीने में नियमित संकाय भर्ती शुरू करने की बात कही है। तब तक के लिए ही अतिथि संकाय की नियुक्ति की जा रही है। जहां तक डिटेलिंग की बात है तो इसकी जानकारी चयन के समय उम्मीदवारों को दी जाएगी। रिक्तियों की संख्या फिलहाल तय नहीं है। एक पैनल बनाया जाएगा, ताकि आवश्यकता अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार साक्षात्कार ऑनलाइन भी हो सकते हैं। प्रशासन इस नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्षता के साथ पूरा करेगा। इसका आश्वासन मैं देती हूं।

-प्रो. इला कुमार, कुलपति, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय

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