RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची में ग्राउंड वाटर लेवल पाताल में जा रहा है। ऐसे में ग्राउंड वाटर को बचाने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए रांची नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। निगम की ओर से 3225 स्क्वायर फीट या उससे बड़े भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और होल्डिंग टैक्स के साथ अतिरिक्त पेनाल्टी भर रहे हैं। इससे साफ है कि ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने में लोग इंटरेस्ट नहीं दिखा रहे है।
ऐसे मिलेगी पेनाल्टी से छूट
नगर निगम के अनुसार, जिन भवन मालिकों ने अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया है, उनसे होल्डिंग टैक्स पर 1.5 गुना अतिरिक्त पेनाल्टी वसूली जा रही है। यानी लोग सामान्य टैक्स के साथ डेढ़ गुना राशि का भुगतान कर रहे हैं, लेकिन फिर भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं करा रहे है। निगम ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने अपने भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा लिया है, वे उसकी फोटो और संबंधित डिटेल्स नगर निगम में जमा कराकर पेनाल्टी से बच सकते हैं। इसके लिए भवन मालिकों को प्रमाण के तौर पर सिस्टम की तस्वीर और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। ऐसा नहीं करने की स्थिति में उनपर पेनाल्टी जारी रहेगी।
जरूरी है रेन वाटर हार्वेस्टिंग
निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में लगातार गिरते ग्राउंड वाटर लेवल को देखते हुए यह व्यवस्था बेहद जरूरी है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से वर्षा के पानी को जमीन में पहुंचाकर रिचार्ज किया जा सकता है, जिससे भविष्य में जल संकट की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी। इसी उद्देश्य से लोगों से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपने भवनों में यह सिस्टम लगाएं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, रांची में कुल 2.5 लाख से अधिक हाउस होल्डर रजिस्टर्ड हैं। इनमें से अब तक केवल 61,230 घरों में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है। वहीं लगभग 12,500 भवनों पर नियमों का पालन नहीं करने पर होल्डिंग टैक्स का डेढ़ गुना अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है।
अब तेज किया जाएगा अभियान
निगम ने यह भी साफ किया है कि आने वाले समय में जांच अभियान और तेज किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों से लगातार पेनाल्टी वसूली जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संकट से बचाव की दिशा में जरूरी कदम है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे जुर्माना भरने के बजाय रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर जल संरक्षण अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

