Seraikela: सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल के कुकरू प्रखंड में सापारुम गांव में एक जंगली हाथी के हमले के बाद 55 वर्षीय राधा तंतुबाई नामक महिला की मौत हो गई है। बताते हैं कि हाथी अचानक गांव में घुस आया। महिला घर के बाहर थी। हाथी ने महिला पर हमला कर दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव के आसपास हमेशा जंगली हाथी रहते हैं। वन विभाग से कई बार कहा गया कि वह हाथियों को यहां से भगाने का कदम उठाए। लेकिन, वन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
अब ग्रामीणों को वन विभाग नहीं देता पटाखे और टॉर्च
वन विभाग की तरफ से पहले गांव में तीन लोगों को टॉर्च दी गई थी। इससे वह लोग हाथियों का पता लगा लेते थे। कई महीना पहले यह टॉर्च ले ली गई और दूसरे गांव वालों को दे दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। अंधेरा रहता है। इससे किसी को पता नहीं चलता कि हाथी आ गया है। यही नहीं पहले गांव वालों को हाथी भगाने के लिए पटाखे दिए जाते थे। कई साल से पटाखे नहीं दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पटाखे और टॉर्च के लिए जो रकम सरकार से आती है उसका बंदर बांट हो जाता है।
दिया गया ₹50000 मुआवजा, 3: 50 लाख रुपए और मिलेंगे
बता दें कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को ₹50 हजार की सहायता प्रदान की। साढे तीन लाख रुपए की मुआवजा राशि परिजनों को प्रक्रिया पूरे होने के बाद दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन गांव में हाथी दस्ते की तैनाती करे। ताकि, हाथी आने पर ग्रामीणों की सुरक्षा हो सके और हाथियों को भगाया जा सके।

