फीचर डेस्क : अक्षय तृतीया को लेकर इस साल लोगों के बीच तारीख को लेकर भ्रम बना हुआ है। वैदिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल यानी कल मनाई जाएगी। तृतीया तिथि का समय 19 अप्रैल सुबह 07:19 बजे से प्रारंभ होकर 20 अप्रैल सुबह 03:57 बजे तक रहेगा। उदया तिथि के आधार पर 19 अप्रैल को ही इस पर्व का महत्व माना गया है।
अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त
पूजा मुहूर्त: सुबह 07:19 बजे से दोपहर 01:50 बजे तक यानी कुल अवधि 6 घंटे 31 मिनट है। हालांकि इस दिन को “अबूझ मुहूर्त” माना जाता है, इसलिए पूरे दिन भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
क्यों खास है अक्षय तृतीया
“अक्षय” का अर्थ होता है जो कभी समाप्त न हो। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए दान, जप, तप और निवेश का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस वर्ष अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग, सौभाग्य योग और स्थिर योग का निर्माण हो रहा है, जो सभी कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाले माने जाते हैं। सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा का संकल्प लें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर दीपक जलाकर पीले या सफेद फूल अर्पित करें। तुलसी के पत्ते चढ़ाएं, खीर या मिठाई का भोग लगाएं और अंत में आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें
इस दिन क्या करें
सोना-चांदी या अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करें, नया व्यवसाय या निवेश शुरू करें। जरूरतमंदों को अन्न, जल और वस्त्र का दान करें और धार्मिक कार्यों में भाग लें।
अक्षय तृतीया का महत्व
अक्षय तृतीया को वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है। इस दिन बिना मुहूर्त देखे भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। यही कारण है कि इसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई हर सकारात्मक शुरुआत जीवन में समृद्धि और सफलता लेकर आती है।
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