खूंटी: झारखंड के हजारीबाग जिले में दिनदहाड़े हुई बैंक लूट की घटना के बाद खूंटी पुलिस ने जिले में बैंक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर “ऑपरेशन सतर्क” के तहत जिले के विभिन्न बैंकों का विशेष सुरक्षा ऑडिट किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने कुल 55 बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की।
पुलिस की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि अभियान का उद्देश्य बैंकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और संभावित आपराधिक घटनाओं को रोकना है। हालिया बैंक लूट की घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।
सीसीटीवी और अलार्म सिस्टम की हुई जांच
ऑपरेशन सतर्क के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बैंकों में लगे सीसीटीवी कैमरों, सुरक्षा गार्डों, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की। इसके अलावा बैंक परिसर और आसपास संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। पुलिस टीम ने यह भी देखा कि बैंक सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। जिन शाखाओं में सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई गई, वहां संबंधित शाखा प्रबंधकों को जल्द आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने दिए जरूरी निर्देश
खूंटी पुलिस के अधिकारियों ने बैंक प्रबंधन को सुरक्षा से जुड़े कई अहम सुझाव भी दिए। इसमें सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग, अलार्म सिस्टम को सक्रिय रखने, प्रवेश और निकासी बिंदुओं की निगरानी तथा सुरक्षा गार्डों की सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बैंक ग्राहकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आगे भी समय-समय पर इस तरह के सुरक्षा ऑडिट और जांच अभियान चलाए जाएंगे।
क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल को झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही स्थित बैंक ऑप महाराष्ट्र शाखा में करोड़ों रुपये के सोना और नकदी की बड़ी लूट हुई थी। इस घटना के बाद पूरे राज्य में बैंक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इस मामले में झारखंड पुलिस ने उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय बैंक लुटेरा गिरोह के तीन आरोपियों को वाराणसी से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब एक किलो सोना, 20 लाख रुपये नकद, एक कार और मोबाइल फोन बरामद किए थे।
हालिया घटनाओं के बाद झारखंड पुलिस राज्यभर में बैंक और वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। पुलिस का मानना है कि नियमित सुरक्षा जांच और निगरानी से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

