RANCHI : उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपरलीक मामले में जेल में बंद करीब 168 आरोपियों को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सभी आरोपी अभ्यर्थियों को जमानत दे दी है। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी को 20-20 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर रिहा करने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार इस मामले में पुलिस ने 11 अप्रैल को 166 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में जांच के दौरान कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। सभी आरोपियों को 12 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
पुलिस ने यह कार्रवाई तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में की थी। जांच में सामने आया कि अंतरराज्यीय पेपरलीक और सॉल्वर गैंग सक्रिय था, जो अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर याद करा रहा था। इस गिरोह के सरगना अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद समेत कई लोग आरोपी बनाए गए हैं। मामले में सात महिलाओं की संलिप्तता भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, गैंग के एजेंट अभ्यर्थियों को रड़गांव के एक अर्धनिर्मित भवन में ठहराकर तैयारी करा रहे थे। अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड भी अपने कब्जे में रखे गए थे। कुछ अभ्यर्थियों से बैंक चेक भी लिए गए थे। सूचना मिलने के बाद विशेष छापेमारी दल ने 11 अप्रैल की देर रात कार्रवाई करते हुए मौके से 166 से अधिक अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था।

