रांची : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को लोक भवन में बिहार आई बैंक ट्रस्ट के कार्यों की समीक्षा की। राज्यपाल ने ट्रस्ट को राज्य में उत्कृष्ट, विश्वसनीय और जनहितकारी नेत्र चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया । उन्होंने गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक आधुनिक इलाज पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में राज्यपाल ने बिहार आई बैंक का नाम बदलकर जल्द झारखंड आई बैंक करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़ी भूमि संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान की आवश्यकता भी जताई। राज्यपाल ने कहा कि ऐसा सेवा मॉडल विकसित किया जाए, जिससे संस्था को अधिक से अधिक कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड प्राप्त हो सके और एडवांस आई केयर सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
अस्पताल को आयुष्मान से जोड़ने की दिशा में करें कार्यवाही
उन्होंने अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की दिशा में भी आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर और सुलभ उपचार मिल सके। साथ ही अस्पताल के प्रभावी संचालन के लिए दक्ष अस्पताल प्रबंधक अथवा प्रशासक की नियुक्ति पर भी बल दिया। बैठक में डॉ. टी.पी. बर्णवाल को ट्रस्टी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया, जबकि अजय जैन का संयुक्त सचिव पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव नितिन कुलकर्णी, विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, राज्यपाल सचिवालय के विशेष सचिव ए.के. सत्यजीत, बिहार आई बैंक ट्रस्ट की सचिव डॉ. प्रनन्ति सिन्हा समेत अन्य ट्रस्टी उपस्थित थे।

