RANCHI: रांची जिला प्रशासन ने नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित कीं। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित डिस्ट्रिक्ट एनकॉर्ड कमिटी की बैठक में जिले में ड्रग्स तस्करी, अवैध बिक्री, अफीम और गांजा की खेती तथा नशे के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई। वहीं दूसरी ओर जनगणना 2027 के तहत हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन को लेकर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को किट वितरित कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
ड्रग हॉटस्पॉट्स की करें पहचान
एनकॉर्ड बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ड्रग हॉटस्पॉट्स की पहचान कर विशेष निगरानी बढ़ाई जाए। एनडीपीएस एक्ट के लंबित मामलों की तेजी से जांच और अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने तथा नशे की लत से प्रभावित युवाओं को डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने पर जोर दिया गया।
प्रतिबंधित दवा की बिक्री की हो मॉनिटरिंग
बैठक में मेडिकल दुकानों, फार्मेसी और रसायनिक दुकानों की सघन जांच कर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों और परिवहन मार्गों पर चेक पोस्ट मजबूत करने तथा अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी रोकने के लिए पड़ोसी जिलों से समन्वय बढ़ाने की बात कही गई। उपायुक्त ने जिले में गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई करने और पंचायत स्तर पर अफीम की खेती रोकने के लिए मुखिया, प्रधान, समाजसेवियों और जेएसएलपीएस के सहयोग से अभियान चलाने का निर्देश दिया।
युवाओं को बचाना है सबकी जिम्मेदारी
उपायुक्त ने कहा कि रांची युवा बहुल जिला है और आने वाली पीढ़ी को नशे के खतरे से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ड्रग तस्करी, अवैध बिक्री या अफीम-गांजा की खेती की सूचना टोल फ्री नंबर 1933 पर गुमनाम रूप से दें।
पर्यवेक्षकों को किट वितरित
इसी क्रम में उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी ने जनगणना 2027 की तैयारी के तहत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आधिकारिक किट वितरित की। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और संसाधनों के उचित वितरण का आधार है तथा इसे पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक मकान और परिवार का सूचीकरण किया जाएगा तथा टैबलेट व मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल डेटा संग्रह होगा। संवेदनशील क्षेत्रों, शहरी स्लम और प्रवासी आबादी वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी कर्मियों को गोपनीयता बनाए रखने और सही जानकारी संग्रहित करने के निर्देश दिए गए हैं।

