रांची : झारखंड सरकार ने राज्य में अवैध निर्माण और स्वीकृत नक्शे से विचलन वाले भवनों के नियमितीकरण के लिए आवेदन प्रक्रिया, शुल्क दर और आवेदन फॉर्मेट तैयार कर दिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भवन मालिक अब बीपीएएमएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बीते गुरुवार (14 मई 2026) को इस पोर्टल का उद्घाटन भी किया गया। शुक्रवार (15 मई 2026) से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। जी+2 और 300 वर्ग मीटर तक बने भवनों के नियमितीकरण के लिए 60 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। निर्धारित अवधि के बाद नियमितीकरण नहीं होगा और अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा सकती है।
नगर पंचायत से लेकर नगर निगम तक अलग-अलग शुल्क
सरकार ने नगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगम, क्षेत्रीय विकास प्राधिकार, औद्योगिक नगरी और झमाडा (झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार) क्षेत्रों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया है। आवासीय भवनों में प्लॉट का क्षेत्रफल 150 वर्गमीटर तक होने पर अतिक्रमित या अनाधिकृत निर्मित क्षेत्र पर नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों में 40 रुपये प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम, क्षेत्रीय विकास प्राधिकार और झमाडा क्षेत्रों में 60 रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क लगेगा।
वहीं 150 से 300 वर्गमीटर तक के आवासीय भवनों पर नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों में 60 रुपये प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम, क्षेत्रीय विकास प्राधिकार और झमाडा क्षेत्रों में 90 रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। गैर-आवासीय और व्यावसायिक भवनों के लिए 150 वर्गमीटर तक नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों में 80 रुपये प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम और विकास प्राधिकार क्षेत्रों में 120 रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क तय किया गया है।
इसी प्रकार 150 से 300 वर्गमीटर तक के गैर-आवासीय और व्यावसायिक भवनों के लिए नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों में 120 रुपये प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम, क्षेत्रीय विकास प्राधिकार और झमाडा क्षेत्रों में 180 रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क देना होगा।
आवेदन में देनी होगी यह जानकारी
अधिसूचना में आवेदन का विस्तृत प्रारूप भी जारी किया गया है। आवेदन पत्र में भवन मालिक का नाम, पिता या पति का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, आधार विवरण, भूखंड संख्या, खाता संख्या, थाना संख्या, मौजा, भवन का उपयोग, सड़क की चौड़ाई, कुल निर्मित क्षेत्र और विचलन क्षेत्र की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा यह भी बताना होगा कि भवन आवासीय है या व्यावसायिक तथा निर्माण कब किया गया।
आवेदन के साथ स्वामित्व प्रमाण पत्र, म्यूटेशन दस्तावेज, लगान रसीद, बिजली या पानी बिल, भवन के रंगीन फोटोग्राफ, संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र, स्वीकृत नक्शा और वास्तविक निर्माण का प्लान जमा करना अनिवार्य होगा। सरकार ने शपथ पत्र का भी फॉर्मेट जारी किया है। इसमें आवेदक को यह घोषणा करनी होगी कि भवन सरकारी भूमि, सड़क, जल निकाय या किसी अन्य व्यक्ति की भूमि पर अतिक्रमण कर नहीं बनाया गया है। साथ ही यह भी प्रमाणित करना होगा कि आवेदन में दी गई सभी जानकारी सही है और प्रस्तुत नक्शा वास्तविक निर्माण के अनुरूप है।
आवेदन के समय न्यूनतम 10 हजार से 20 हजार रुपये जमा करना होगा
नियमों के अनुसार आवेदन केवल पंजीकृत एलटीपी के माध्यम से ही जमा किए जाएंगे। आवेदन के समय आवासीय भवनों के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये और गैर-आवासीय भवनों के लिए 20 हजार रुपये जमा करना अनिवार्य होगा। शेष राशि एकमुश्त या तीन समान किस्तों में जमा की जा सकेगी।
सक्षम प्राधिकार आवेदन मिलने के बाद स्थल निरीक्षण करेगा और छह महीने के भीतर स्वीकृति या अस्वीकृति की सूचना देगा। आवेदन के बाद अतिरिक्त निर्माण पाए जाने पर आवेदन रद्द कर राशि जब्त की जा सकती है। वहीं सरकारी भूमि, मास्टर प्लान की सड़क, जलग्रहण क्षेत्र और सार्वजनिक खुले स्थानों पर बने भवनों को नियमितीकरण का लाभ नहीं मिलेगा।

