Jamshedpur : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में 19 से 21 मई तक तीन दिवसीय समर कैंप आयोजित करने का निर्देश जारी किया है। यह समर कैंप कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया जाएगा। कैंप का आयोजन प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक होगा। इस समय काम की तैयारी के लिए 18 मई को विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में मीटिंग होगी।
इस मीटिंग में समर कैंप की रूपरेखा तय की जाएगी। शिक्षा विभाग की तरफ से सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि प्रतिदिन समर कैंप की पांच सर्वश्रेष्ठ फोटो भी विभाग को भेजनी होगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए तय किया गया है कि समर कैंप में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थी अपने साथ पानी की बोतल भी लाएंगे।विभाग ने समर कैंप का खाका भी तैयार कर लिया है।
लूडो और शतरंज का भी लुत्फ लेंगे छात्र
19 मई को कक्षा एक से पांच तक के छात्रों के लिए योग अभ्यास, छोटी दौड़, मेढक दौड़, तीन टांग दौड़ और बैलेंस गेम के अलावा मिट्टीं लकड़ी और कागज के खिलौने बनाने व झारखंड की संस्कृति से जुड़ी वस्तु के निर्माण की प्रतियोगिता होगी। कक्षा 6 से 8 तक के लिए भी योग अभ्यास, दौड़, रिले रेस, रस्सी कूद और मिट्टी लकड़ी कागज से खिलौने व संस्कृति से जुड़े वस्तु के निर्माण की प्रतियोगिता होगी और कक्षा 9 से 12 तक के लिए भी योग अभ्यास दौड़ं फ्लैग, पुश अप, स्किपिंग आदि प्रतियोगिताएं होंगी। 20 मई को फिटनेस खेल कौशल में मास पॉइंट बाल गेम, टारगेट थ्रो, लूडो, शतरंज आदि के खेल होंगे। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी होगी। कक्षा 6 से 8 तक के लिए भी कबड्डी, खो-खो, रस्सी कूद, शतरंज आदि प्रतियोगिताएं होंगी। कक्षा 9 से 12 के लिए भी वॉलीबॉल, फुटबॉल, लूडो, शतरंज आदि के खेल होंगे। 21 मई को जुंबा, व्यायाम, कंचे के खेल, कविता पाठ, गिल्ली, डंडा, गुलेल चालन आदि प्रतियोगिताएं होंगी।
रंग भरनां कहानी लेखन आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन द्वारा जारी पत्र के अनुसार इस वर्ष समर कैंप को “भारतीय भाषा समर कैंप -2026)” से भी जोड़ा गया है। इसके तहत विद्यार्थियों को भारतीय, जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं से परिचित कराया जाएगा।साथ ही विभिन्न स्थानीय व्यंजनों जैसे धुस्का, गुलगुला, छिलका रोटी, अरसा और माड़-झोर बनाने की गतिविधियां भी कराई जाएंगी।
छात्रों को सिखाया जाएगा बाजार का संवाद कौशल
विद्यालयों में बच्चों को विभिन्न भारतीय और जनजातीय भाषाओं में अभिवादन, संवाद और रोल प्ले गतिविधियों के माध्यम से भाषा सीखने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, बाजार, रेस्तरां और सार्वजनिक स्थानों पर संवाद कौशल भी सिखाया जाएगा।
झारखंडी पेंटिंग की भी होगी प्रतियोगिता
समर कैंप के दौरान सोहराय, कोहबर और जादोपटिया जैसी स्थानीय पेंटिंग शैलियों से भी बच्चों को परिचित कराया जाएगा। वहीं लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के प्रदर्शन भी होंगे। कैंप के अंतिम दिन विद्यार्थियों द्वारा अभिभावकों के सामने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी और प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।कंपोजिट ग्रांट से खर्च किए जाएंगे ₹2000विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि कैंप के आयोजन में कंपोजिट ग्रांट से अधिकतम 2000 रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। सभी स्कूलों को प्रतिदिन फोटो और वीडियो जिला कार्यालय को भेजने होंगे।शिक्षा विभाग ने गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने, बच्चों को पानी की बोतल लाने की सलाह देने और कैंप का स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया है।

