Home » NCC Cadets: एनआईटी जमशेदपुर में एनसीसी कैडेट्स के लिए ‘जीवन’ ने चलाया भावनात्मक सशक्तीकरण सत्र, बताया- तनाव हो तो कैसे उबरें

NCC Cadets: एनआईटी जमशेदपुर में एनसीसी कैडेट्स के लिए ‘जीवन’ ने चलाया भावनात्मक सशक्तीकरण सत्र, बताया- तनाव हो तो कैसे उबरें

by Birendra Ojha
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जमशेदपुर : आत्महत्या निवारण केंद्र, ‘जीवन’ के वालंटियर्स ने सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत आदित्यपुर स्थित एनआईटी परिसर में आयोजित 10 दिवसीय समर कैंप में शामिल लगभग 550 एनसीसी कैडेट्स के लिए ‘इमोशनली एम्पावरिंग वनसेल्फ’ विषय पर डेढ़ घंटे का इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को भावनात्मक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा करने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत एक रोचक गतिविधि से हुई, जिसमें कैडेट्स को अपने जीवन के सबसे खुशहाल पल को याद करने के लिए कहा गया। इस गतिविधि ने उन्हें अपनी भावनाओं से सकारात्मक रूप से जुड़ने में मदद की। इसके बाद वालंटियर्स ने मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि भावनात्मक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है।

सत्र के दौरान कैडेट्स को तनाव और दैनिक जीवन में आने वाले विभिन्न तनावों के बारे में जागरूक किया गया। वक्ताओं ने भावनात्मक संकट के शारीरिक और मानसिक संकेतों की जानकारी देते हुए समय पर सहायता लेने की आवश्यकता पर बल दिया।

वालंटियर्स ने ‘जीवन’ संस्था की भूमिका के बारे में जानकारी दी और बताया कि संस्था भावनात्मक सहयोग एवं काउंसलिंग सहायता प्रदान करती है। कैडेट्स से अपील की गई कि वे स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति के भावनात्मक तनाव में होने पर मदद लेने में संकोच न करें।

कार्यक्रम में कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वक्ताओं के साथ सक्रिय संवाद किया। सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने और दूसरों को भी भावनात्मक रूप से सहयोग देने की शपथ ली।

भावनात्मक रूप से सशक्त बनने के लिए स्वयंसेवकों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से स्वयं के साथ समय बिताकर अपनी ताकत और कमजोरियों को समझना चाहिए। जीवन की परिस्थितियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करना चाहिए तथा यह स्वीकार करना चाहिए कि कभी-कभी परेशान महसूस करना भी सामान्य घटना है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने और भावनात्मक सहायता मांगने को साहसिक कदम बताया।

‘जीवन’ के वालंटियर्स भावनात्मक कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए हमेशा उपलब्ध हैं। आमने-सामने बातचीत करने के इच्छुक लोग बिष्टुपुर स्थित 25 क्यू रोड केंद्र में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा तत्काल सहायता के लिए 9297777499 और 9297777500 हेल्पलाइन नंबरों पर फोन या वाट्सएप के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है।

Read Also: Jamshedpur News: धनबाद के नंदलाल अग्रवाल बने अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष, जमशेदपुर के संदीप मुरारका बने झारखंड प्रदेश संयोजक, कमल किशोर अग्रवाल सह-संयोजक

Related Articles

Leave a Comment