RANCHI: रिम्स अधिग्रहीत जमीन से जुड़े फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार दो आरोपितों राजकिशोर बड़ाईक और कार्तिक बड़ाईक की जमानत याचिका पर मंगलवार को एसीबी की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 जून की तिथि निर्धारित की है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गत 7 अप्रैल को इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपितों में राजकिशोर बड़ाईक और कार्तिक बड़ाईक, राजेश झा और चेतन कुमार शामिल हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपितों ने आपसी मिलीभगत से रिम्स की अधिग्रहीत सरकारी जमीन को निजी संपत्ति साबित करने के लिए फर्जी वंशावली और दस्तावेज तैयार किए थे। एसीबी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने जमीन के मूल रिकॉर्ड में हेरफेर कर कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश की। मामले में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को संरक्षण देने का प्रयास किया गया।
मामले को लेकर एसीबी की ओर से अदालत में कहा गया है कि यह केवल जमीन कब्जे का मामला नहीं, बल्कि सरकारी अभिलेखों में गंभीर फर्जीवाड़ा और प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास भी है। वहीं बचाव पक्ष की ओर से आरोपितों को निर्दोष बताते हुए जमानत देने की मांग की जा रही है।

