RANCHI: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार, दवा बर्बादी, एंबुलेंस खरीद घोटाले और नियमों के विपरीत सेवा विस्तार के मामलों को लेकर हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत गठित झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड को लूट और टेंडर मैनेजमेंट का केंद्र बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त अधिकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव को नियमों की अनदेखी करते हुए लगातार सेवा विस्तार दिया गया। बाबूलाल के अनुसार मुख्यमंत्री की स्वीकृति अनिवार्य होने के बावजूद चौथे और पांचवें वर्ष तक उन्हें कंसलटेंट के रूप में बनाए रखा गया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के ऑडिट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। वर्ष 2022 में खरीदी गई 206 एंबुलेंस लंबे समय तक नामकुम में निष्क्रिय पड़ी रहीं और उनका कोई उपयोगिता मूल्यांकन नहीं हुआ। इसके बावजूद 2026 में नई एंबुलेंस खरीद के लिए करीब 80 करोड़ रुपये की निविदा जारी कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये की जीवनरक्षक दवाएं गोदामों में एक्सपायर हो गईं, जबकि कोविड काल में ऑक्सीजन टैंक परियोजना में भी नियमों की अनदेखी कर अयोग्य कंपनियों को ठेका दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है और जांच के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।

