Home » Jamshedpur News: 86 बस्तियों में जल कनेक्शन शुल्क पर सवाल, UISL की वसूली की जांच की मांग की

Jamshedpur News: 86 बस्तियों में जल कनेक्शन शुल्क पर सवाल, UISL की वसूली की जांच की मांग की

लोगों का कहना है कि किसी घर की दूरी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन से 20 फीट है तो किसी की 50 फीट, 120 फीट या उससे अधिक, ऐसे में पाइप, सामग्री और श्रम लागत भी अलग-अलग होनी चाहिए।

by Mujtaba Haider Rizvi
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व जुस्को) द्वारा 86 बस्तियों में नए जल कनेक्शन इंस्टॉलेशन के नाम पर कथित रूप से मनमाने शुल्क वसूले जाने का मामला सामने आया है। विभिन्न बस्तियों के निवासियों ने जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु से शिकायत कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।शिकायतकर्ताओं के अनुसार नामदा बस्ती, जेम्को, शांति नगर, बलराम बस्ती समेत कई इलाकों में जल कनेक्शन के लिए अलग-अलग दूरी होने के बावजूद उपभोक्ताओं से समान या अस्पष्ट शुल्क लिया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि किसी घर की दूरी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन से 20 फीट है तो किसी की 50 फीट, 120 फीट या उससे अधिक, ऐसे में पाइप, सामग्री और श्रम लागत भी अलग-अलग होनी चाहिए। इसके बावजूद शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया और दरों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

सौरभ विष्णु ने कहा कि वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) की मान्यता समाप्त किए जाने के बाद भी शहर में नगर निकाय व्यवस्था यथावत संचालित हो रही है। वर्तमान में टाटा स्टील यूआईएसएल 86 बस्तियों में जलापूर्ति, सफाई और अन्य बुनियादी सेवाओं का संचालन कर रही है।

ऐसे में कंपनी और उसके अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ जाती है।उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पाइपलाइन से दूरी कम या अधिक होने के बावजूद उपभोक्ताओं से एक जैसा शुल्क लिया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच संदेह और नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि जनता से कोई शुल्क लिया जा रहा है तो उसकी दर सूची, शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया और संबंधित मानकों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।सौरभ विष्णु ने जिला प्रशासन और टाटा स्टील यूआईएसएल के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि जल कनेक्शन इंस्टॉलेशन शुल्क किस आधार पर निर्धारित किया जा रहा है, क्या सभी उपभोक्ताओं के लिए समान नियम लागू हैं और क्या वसूली गई राशि निर्धारित मानकों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि 86 बस्तियों के लाखों लोगों को यह जानने का अधिकार है कि उनसे जल कनेक्शन के लिए कितना शुल्क और किस आधार पर लिया जा रहा है। पारदर्शिता की कमी से जनता के बीच अविश्वास की स्थिति बन रही है। इसलिए जनहित में पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

Read also- Jamshedpur Politics : सड़क दुर्घटना में घायल गीता बालमुचू से मिले केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, टीएमएच पहुंचकर जाना स्वास्थ्य का हाल

Related Articles

Leave a Comment