Jamshedpur : साकची बाजार से लापता हुई तीन वर्षीय बच्ची आफरीन के अपहरण के मामले में पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि संतान न होने के कारण उन्होंने बच्ची को लोभवश अपने पास रख लिया था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिटी एसपी ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए 50 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए थे। इसके बाद आरोपी को ट्रेस किया गया। तब उनकी गिरफ्तारी कर बच्ची को बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी अब्दुल जसीम और अफसाना बेगम की शादी को 10 साल हो गए थे। उनके कोई बच्चा नहीं हो रहा था। इसी के चलते उन्होंने बच्ची का अपहरण किया है।
गौर तलब है कि 26 मई को हयात नगर, डिमना बस्ती निवासी मो. इम्तियाज अपनी पत्नी और बच्चों के साथ साकची बाजार में खरीदारी करने आए थे। इसी दौरान उनकी तीन वर्षीय बेटी आफरीन अचानक लापता हो गई। परिजनों ने बाजार में काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चलने पर साकची थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर साकची थाना कांड संख्या 42/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (नगर) के मार्गदर्शन और नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने घटनास्थल और आसपास के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा संदिग्ध लोगों से पूछताछ की।

जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा थाना क्षेत्र अंतर्गत पुष्टि गांव में छापेमारी की। वहां से बच्ची आफरीन को सकुशल बरामद कर लिया गया। साथ ही अब्दुल जसीम उर्फ लखन (42) और उसकी पत्नी अफसाना बेगम (30) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उनकी शादी को करीब दस वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उन्हें संतान नहीं हुई। इसी कारण उन्होंने साकची बाजार से बच्ची को अपने साथ ले जाकर पुरुलिया के पुष्टि गांव में छिपाकर रखा था।
गिरफ्तार दंपती फिलहाल सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली थाना क्षेत्र स्थित ओल्ड पुरुलिया रोड, करीम सिटी कॉलेज के पास किराये के मकान में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक इनफिनिक्स स्मार्टफोन और एक रेडमी नोट 5 प्रो मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
इस सफल अभियान में साकची थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव समेत थाना के कई पुलिस अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

