रांची : राज्य की जेलों में आधी और एक-तिहाई सजा पूरी कर चुके कैदियों पर हाई कोर्ट की नजर है। उनकी रिहाई नीति पर अगली सुनवाई 30 जुलाई को होने वाली है। झारखंड उच्च न्यायालय ने आधी अथवा एक-तिहाई सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को प्रार्थी के सुझावों के आलोक में अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। सरकार की ओर से अधिवक्ता मो. शहाबुद्दीन ने पक्ष रखा। मामले को लेकर स्टेन स्वामी एवं अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की गई।
मामले में राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सॉफ्ट कॉपी रिपोर्ट पर याचिकाकर्ता ने अपना लिखित जवाब और सुझाव कोर्ट में पेश किया। यह रिपोर्ट राज्य की जेलों में बंद आधी या एक तिहाई सजा काट चुके करीब 1000 कैदियों से संबंधित थी।
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह प्रार्थी के इस लिखित जवाब के आलोक में अपना जवाब और सुझाव प्रस्तुत करें। ताकि केस को निष्पादित किया जा सके।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में राज्य के जिलों में आधी सजा या एक तिहाई सजा काट लिए जाने वाले कैदियों के मामले को राज्य सजा पुनरीक्षण बोर्ड के समक्ष रखने और इसपर विचार करने को कहा था।

