
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में करोड़ों के डीएमएफटी फंड में भ्रष्टाचार के लगातार आरोप लगने के बीच बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य सड़क पर सुखचैन मोटर के पास स्थित जर्जर पुलिया हादसे का कारण बन रही है। शासन प्रशासन, सांसद, विधायक की उदासीनता से नाराज आजीविका ग्राम संगठन बड़ाजामदा की महिलाओं ने खुद श्रमदान कर पुलिया और सड़क के गड्ढों में मुरूम और मिट्टी भरकर उसे समतल कर दिया।
लंबे समय से खराब है पुलिया की हालत
बड़ाजामदा से नोवामुंडी जाने वाले मुख्य मार्ग पर सुखचैन मोटर के समीप स्थित पुलिया की स्थिति लंबे समय से खराब है। पुलिया के बीच में बड़े-बड़े गड्ढे हैं और कई जगह आर-पार छेद हो चुके हैं। इससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि भारी वाहनों के दबाव से पुलिया दिन पर दिन और कमजोर होती जा रही है।
प्रमुख मार्ग फिर भी मरम्मत नहीं
यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क पथ है। इस सड़क से प्रतिदिन टाटानगर से किरीबुरू, बड़बिल और जोड़ा जाने वाली बसों के साथ लौह अयस्क ढोने वाले भारी मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता है। इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत को लेकर प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई।
आंदोलन के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिया के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर कई बार आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं। सड़क जाम की चेतावनी भी दी गई, लेकिन शासन, प्रशासन, विधायक और सांसद की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया।
महिलाओं ने दिया संदेश
ऐसे में आजीविका ग्राम संगठन की महिलाओं ने श्रमदान कर सड़क को समतल बनाया और प्रशासन को संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में जनता स्वयं भी आगे आ सकती है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने झारखंड सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से पुलिया की अविलंब मरम्मत की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य सड़क को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

