Ranchi : इंडिया गठबंधन की ओर से अपने अपने विधायकों के साथ बैठक की गई थी। गुरुवार 18 जून को आज होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड की राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गई है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने सहयोगी दलों के विधायकों को एकजुट रखने और क्रॉस वोटिंग की आशंका को रोकने के लिए उन्हें होटल में ठहराया है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन की एकजुटता बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय हैं। भाजपा के विधायक देवेंद्र कुंवर ने राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान किया। मतदान के बाद बाहर निकाल कर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जय श्री राम, हो गया काम। उन्होंने कहा कि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी जीत रहे हैं।
मुख्यमंत्री आवास पर महागठबंधन विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मॉक पोल भी कराया गया। मॉक पोल के दौरान झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 29 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 25 वोट मिले। बैठक के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि यह बैठक पहले से निर्धारित थी और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मतदान की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।

उन्होंने कहा कि महागठबंधन के पास तीसरे उम्मीदवार की तुलना में अधिक संख्या बल है और दूसरी वरीयता के वोटों के आधार पर भी जीत सुनिश्चित है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि चुनाव में किसी तरह की सेंधमारी की संभावना नहीं है और महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है। इधर, झामुमो के राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद ने भी विश्वास जताया कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे।
वहीं, झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि महागठबंधन के सभी विधायक गुरुवार सुबह 10 बजे विधानसभा पहुंचेंगे और 11 बजे से शुरू होने वाले मतदान में हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि विधायक अपने-अपने घरों में रात बिताएंगे और सीधे विधानसभा पहुंचकर मतदान करेंगे।

सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि महागठबंधन के विधायक लोकतंत्र के प्रहरी हैं और सभी अपने मताधिकार का प्रयोग समय पर करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार के लिए जीत हासिल करना आसान नहीं होगा, क्योंकि आवश्यक संख्या बल उनके पास नहीं है। उनके अनुसार महागठबंधन के पास दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्यसभा चुनाव में सभी दलों की नजरें विधायकों की एकजुटता और वोटों के गणित पर टिकी हुई हैं। ऐसे में 18 जून का मतदान झारखंड की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

Jharkhand Rajya Sabha Election 2026 Live : झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान आज, राजनीतिक समीकरणों पर टिकी नजर
रांची : झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए आज मतदान है। चुनाव को लेकर राजधानी रांची समेत पूरे राज्य का राजनीतिक माहौल गर्म है। सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन दोनों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। मतदान के साथ ही राज्य की राजनीति में नए समीकरणों और शक्ति संतुलन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इंडिया गठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा को चुनावी मैदान में उतारा है। दूसरी ओर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी राज्यसभा पहुंचने की कोशिश में हैं।
बैजनाथ राम की जीत को लेकर मजबूत दावे
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गठबंधन के समर्थन के चलते उनकी जीत लगभग सुनिश्चित दिखाई दे रही है।
हालांकि दूसरी सीट को लेकर मुकाबला रोचक बना हुआ है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिल सकता है। मतदान के दौरान विधायकों के रुख और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
कांग्रेस विधायकों की विशेष रणनीति
राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति बनाई है। पार्टी के अधिकांश विधायक रांची स्थित होटल बीएनआर चाणक्य में ठहरे हुए हैं। मतदान से पहले सभी विधायक सामूहिक रूप से नाश्ता करने के बाद एक साथ बस से विधानसभा के लिए रवाना होंगे। पार्टी नेतृत्व मतदान प्रक्रिया के दौरान पूर्ण अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
एनडीए विधायकों का शक्ति प्रदर्शन
दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने भी अपने सभी विधायकों को एकजुट रखा है। एनडीए के 24 विधायक रांची के एक होटल में ठहरे हुए हैं और मतदान से पहले सभी विधायक एक साथ विधानसभा पहुंचने की तैयारी में हैं। गठबंधन नेतृत्व किसी भी तरह की राजनीतिक अनिश्चितता से बचने के लिए लगातार अपने विधायकों के संपर्क में बना हुआ है। राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए खेमे में भी गतिविधियां तेज हैं।
दूसरी सीट पर सबसे ज्यादा दिलचस्पी
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पहली सीट का परिणाम लगभग स्पष्ट माना जा रहा है, लेकिन दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है। कांग्रेस और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के बीच होने वाली टक्कर चुनाव परिणाम को चर्चा का विषय बना रही है। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना में यह साफ होगा कि विधानसभा के भीतर किस दल की रणनीति अधिक प्रभावी साबित हुई और राज्यसभा की दोनों सीटों पर कौन उम्मीदवार जीत दर्ज करता है।
राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक महत्व
राज्यसभा चुनाव केवल संसदीय प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि इसे विधानसभा के भीतर राजनीतिक शक्ति संतुलन के संकेतक के रूप में भी देखा जाता है। इस चुनाव के नतीजे आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक दिशा और दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम ने डाला वोट, बोले- दोनों सीटों पर जीतेगा महागठबंधन
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायक आलमगीर आलम ने अपना वोट डाला। वोट डालने के बाद बाहर निकल कर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि महागठबंधन की जीत सुनिश्चित है। महागठबंधन को दोनों सीटें मिलेंगी।

