
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल है। पिछले दो दिनों से करीब छह हाथियों का झुंड बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य सड़क के किनारे जंगलों में लगातार घूम रहा है। गुरुवार को सड़क से गुजर रहे कई राहगीरों ने जंगल में विचरण कर रहे हाथियों के झुंड को मोबाइल में कैद किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथियों का झुंड सड़क के बेहद करीब आ गया था। इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन चालकों ने एहतियात के तौर पर गाड़ियां रोक दीं और हाथियों के जंगल में लौटने का इंतजार किया।
हाथियों की लगातार आवाजाही से डरे लोग
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यदि यह झुंड गांव या आबादी वाले इलाके की ओर बढ़ा तो बड़ा नुकसान हो सकता है। खेतों में खड़ी फसल, मकान और पशुओं को सबसे ज्यादा खतरा है। लोगों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही से वे डरे हुए हैं। रात में निकलने से भी कतरा रहे हैं।
हाथी का हमले से दो दर्जन से ज्यादा मौतें
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ महीनों से इस इलाके में जंगली हाथियों का व्यवहार ज्यादा आक्रामक हो गया है। हाथियों के हमले में अब तक दो दर्जन से अधिक ग्रामीण अपनी जान गंवा चुके हैं। लगातार हो रही घटनाओं से वन क्षेत्रों से सटे गांवों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि हाथियों की गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए। संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी किया जाए ताकि समय रहते किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
वन विभाग : हाथियों से दूर रहें, छेड़छाड़ न करे
वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि हाथियों के झुंड के पास न जाएं। फोटो-वीडियो बनाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें। जंगली हाथी कभी भी उग्र हो सकते हैं। सुरक्षित दूरी बनाए रखना और सतर्क रहना ही सबसे अच्छा बचाव है। विभाग की टीम हाथियों की लोकेशन ट्रैक कर रही है। ग्रामीणों को लाउडस्पीकर से सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने कहा है कि हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें।

