
रांची: हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को लोक भवन, रांची में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने हूल क्रांति के अमर महानायक सिदो-कान्हू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने हूल आंदोलन के सभी वीर सेनानियों के अद्वितीय योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका संघर्ष, त्याग और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है तथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा।
राज्यपाल ने कहा कि हूल क्रांति भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक गौरवशाली और स्वर्णिम अध्याय है। सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव, फूलो-झानो सहित हूल आंदोलन के सभी वीर सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत, अन्याय, शोषण और दमनकारी व्यवस्था के विरुद्ध अदम्य साहस, अद्वितीय वीरता और असाधारण नेतृत्व का परिचय दिया। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूत नींव बना और देशवासियों में स्वतंत्रता, स्वाभिमान तथा अधिकारों के प्रति नई चेतना का संचार किया।
उन्होंने कहा कि हूल आंदोलन केवल एक विद्रोह नहीं था, बल्कि जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए जनजातीय समाज के व्यापक जनआंदोलन का प्रतीक था। यह आंदोलन आज भी सामाजिक न्याय, समानता, आत्मसम्मान और जनअधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरणा देता है।
राज्यपाल ने कहा कि हमें हूल क्रांति के महान सेनानियों के आदर्शों, उनके त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेते हुए समाज में एकता, समरसता और सेवा की भावना को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन महान विभूतियों के आदर्शों पर चलकर विकसित, समृद्ध और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण का संकल्प और अधिक सशक्त होगा।

