
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत किरीबुरू के शहरी क्षेत्र में एक जंगली हाथी की मौजूदगी से स्थानीय निवासियों और सेल (SAIL) कर्मियों के बीच भारी दहशत का माहौल है। हाथी वर्तमान में किरीबुरू-हिलटॉप मुख्य मार्ग पर स्थित पुराने मैगजीन हाऊस के पास जंगलों में डेरा डाले हुए है। प्रतिदिन इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों में भय व्याप्त है।
मेघाहातुबुरु खदान में मचाई अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार (29 जून 2026) रात की है, जब हाथी अचानक सड़क पार करते हुए सेल की मेघाहातुबुरु खदान के मैकेनिकल शॉवेल सेक्शन में घुस गया। रात करीब 11 बजे खदान परिसर में विशालकाय हाथी को देख वहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कर्मियों ने आनन-फानन में सुरक्षित स्थानों पर छिपकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाथी कुछ समय तक खदान क्षेत्र में मंडराता रहा और फिर जंगल की ओर लौट गया।
ड्रोन से निगरानी, वन विभाग की अपील
मंगलवार की सुबह करीब 5.30 बजे स्थानीय लोगों ने इसी हाथी को दोबारा पुराने मैगजीन घर के पास देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के कर्मी शंकर पांडेय ने बताया कि हाथी की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर को बुलाया गया है। ड्रोन की मदद से निगरानी रखते हुए हाथी को सुरक्षित रूप से घने जंगल की ओर खदेड़ने की योजना है। वन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे हाथी के करीब न जाएं और न ही उसे छेड़ने या उकसाने की कोशिश करें, क्योंकि उग्र होने पर जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
जंगलों में बढ़ती मानवीय गतिविधियां हैं मुख्य वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक सारंडा और आसपास के जंगलों से वन्यजीवों का रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्रों की ओर आना लगातार बढ़ रहा है। जंगलों में बढ़ती मानवीय दखलंदाजी और प्राकृतिक संसाधनों (भोजन-पानी) की कमी के कारण हाथी अब शहरों का रुख कर रहे हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

