
रांची : झारखंड के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य में हुए कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय ने पिता-पुत्र को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। ED ने दोनों को नया समन जारी कर 6 और 7 जुलाई को रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया है।
इससे पहले भी जांच एजेंसी ने दोनों को 29 और 30 जून को बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे। उन्होंने ED को पत्र लिखकर मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा था। हालांकि, ED ने उन्हें ज्यादा मोहलत न देते हुए जुलाई के पहले हफ्ते में ही दोबारा हाजिर होने का सख्त आदेश दे दिया है।
लगाए गए हैं कई गंभीर आरोप
यह पूरा विवाद साल 2022 से शुरू हुआ था। ED ने देवघर में दर्ज चार अलग-अलग प्राथमिकियों के आधार पर मार्च 2022 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। बाद में जांच का दायरा बढ़ाकर देवघर और जामताड़ा के करीब 15 अन्य मामलों को भी इसमें जोड़ दिया गया। इन मामलों में जमीनों पर अवैध कब्जा, फर्जी कागजात से जमीन की खरीद-बिक्री, बालू का अवैध खनन और शराब की अवैध बिक्री जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इसी सिलसिले में पिछले साल 23 अगस्त को ED ने रामेश्वर उरांव और शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी समेत 36 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान रोहित उरांव के परिसर से 30 लाख रुपये नकद और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि रोहित ने पुरानी शराब नीति के दौरान अपने करीबियों के जरिए इस धंधे में भारी निवेश किया था। इसी मामले में शराब व्यवसायी योगेंद्र तिवारी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अब ED इन्हीं सबूतों और पैसों के लेनदेन का सच सामने लाने के लिए दोनों से आमने-सामने पूछताछ करना चाहती है।

