
रांची: झारखंड में जिंदल समूह के प्रस्तावित 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से राज्य में 21 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। समूह स्टील, परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश करेगा। स्टील क्षेत्र में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि परमाणु एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 11 हजार से अधिक लोगों को कंस्ट्रक्शन, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में रोजगार मिलने का अनुमान है। बता दें कि 9 जुलाई को नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में राज्य सरकार ने करीब 99 हजार करोड रुपए की योजनाओं समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। जिसमें जिंदल ,टाटा, गुगल,अंबुजा सहित कई बड़ी कंपनियां के साथ 14 एमओयू साइन किए गए हैं।
जिंदल समूह के अध्यक्ष नवीन जिंदल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संदेश में कहा कि झारखंड सरकार के साथ हुआ समझौता राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जिंदल समूह का मानना है कि उद्योग तभी सफल होते हैं, जब समाज भी उसके साथ आगे बढ़े। इसलिए समूह शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा मानता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की सबसे बड़ी ताकत उसके प्राकृतिक संसाधन और मेहनती लोग हैं। समूह का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास के माध्यम से राज्य की प्रगति में योगदान देना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग और समाज के साझा प्रयास से झारखंड विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

