
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में शुक्रवार को ‘हिट एंड रन’ सहित सड़क हादसों से जुड़े मामलों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला दंडाधिकारी- सह- उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पीड़ितों को मिलने वाली सहायता राशि की प्रगति की जांच की गई। बैठक में उपविकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, पोड़ाहाट (चक्रधरपुर) की अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) श्रुति राजलक्ष्मी और जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे। जिले के सभी अंचल अधिकारियों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर अपने-अपने क्षेत्रों के मामलों की अद्यतन स्थिति साझा की।
राहत राशि के वितरण की मौजूदा स्थिति
बैठक के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक हिट एंड रन के 75 मामलों में पीड़ितों और उनके परिजनों को कुल 1 करोड़ 45 लाख 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है।
इसके अलावा, 50 अन्य आवेदनों की अंचल और अनुमंडल स्तर पर जरूरी कागजी जांच और सत्यापन पूरा कर लिया गया है, जिसे जिला स्तर से ‘जनरल इंश्योरेंस काउंसिल’ को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। बैठक में हाल ही में मिले 32 नए आवेदनों के दस्तावेजों की भी बारीकी से समीक्षा की गई।
डीसी के कड़े निर्देश : कागजी कार्रवाई में न हो देरी
उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी अंचल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन मामलों में जांच रिपोर्ट या कोई दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत पूरा करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिट एंड रन की घटनाएं बेहद संवेदनशील होती हैं। प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक संबल देना हमारी जिम्मेदारी है। किसी भी पात्र व्यक्ति को मुआवजा मिलने में लालफीताशाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने पुलिस, परिवहन विभाग, अंचल और अनुमंडल स्तर के अधिकारियों को आपसी तालमेल बिठाकर सत्यापन की प्रक्रिया को और तेज करने को कहा। इसके साथ ही, उन्होंने इस कल्याणकारी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया ताकि जरूरतमंद लोग समय पर इसका लाभ उठा सकें।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज अपने नजदीकी अंचल कार्यालय या जिला परिवहन कार्यालय में जमा करने होंगे।
निर्धारित प्रपत्र
आवेदक के हस्ताक्षर युक्त फॉर्म-1, जांच अधिकारी/एसडीओ द्वारा सत्यापित फॉर्म-2, निपटारा अधिकारी/डीसी के हस्ताक्षर वाला फॉर्म-3।
घोषणा पत्र:राशि प्रतिपूर्ति के लिए आवेदक का वचनबंध पत्र (फॉर्म-4)।
चिकित्सीय साक्ष्य: मृत्यु प्रमाण पत्र या पोस्टमार्टम/ मेडिकल रिपोर्ट।
पहचान पत्र:मृतक/ घायल और आवेदक का आधिकारिक पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड)।
बैंक विवरण :आवेदक के बैंक पासबुक की स्पष्ट छायाप्रति (फोटोकॉपी)।
कानूनी दस्तावेज : संबंधित थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) की कॉपी।
मिलने वाली मुआवजा राशि
सड़क हादसे में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रित को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, और गंभीर रूप से घायल होने पर:पीड़ित को 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति ऐसी दुर्घटना का शिकार हुआ है, तो वे तुरंत तय दस्तावेजों के साथ आवेदन करें, ताकि उन्हें नियमानुसार शीघ्र राहत राशि दिलाई जा सके।

