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Chaibasa News : माओवादी कनेक्शन और अवैध कारतूस मामले में आरोपी को 7 साल की जेल, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa Arms Act Conviction
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Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक अदालत ने प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े होने और अवैध रूप से जिंदा कारतूस रखने के 8 साल पुराने एक चर्चित मामले में अपना फैसला सुना दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी बीमा पुरती को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-ए) के तहत दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न देने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

2017 का है पूरा मामला

यह पूरा मामला जेटेया थाना कांड संख्या 09/2017 से जुड़ा हुआ है। घटना 12 अक्टूबर 2017 की है, जब शाम करीब 4:30 बजे पुलिस टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस दल जब हतनाबेड़ा से हेस्सापी रोड की ओर जा रहा था, तभी उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया।

तलाशी में मिले थे SLR के 15 जिंदा कारतूस

आरोपी बीमा पुरती (पिता: स्वर्गीय सोनु पुरती, निवासी: पटेता टोला, हतनाबेड़ा, थाना जेटेया) के रूप में हुई थी। जब पुलिस ने उसकी जामा-तलाशी ली, तो उसकी पैंट की दाहिनी जेब से 7.62 SLR के 15 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इन गोलियों को रखने के संबंध में जब पुलिस ने उससे वैध कागजात मांगे, तो वह कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका और न ही कोई संतोषजनक जवाब दे पाया।

यूएपीए और सीएलए एक्ट के तहत दर्ज हुआ था केस

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के अलावा सीएलए एक्ट (CLA Act) की धारा 17 और यूएपीए (UAPA) की धारा 10, 13 व 39 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उस पर प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के लिए काम करने का आरोप था। चाईबासा पुलिस ने गहन तफ्तीश और वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने के बाद अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की थी।

8 साल बाद आया अंतिम फैसला

सत्र वाद संख्या 248/2019 के तहत अदालत में इस मामले की लंबी सुनवाई चली। अंततः 14 जुलाई 2026 को अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर बीमा पुरती को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए सजा का ऐलान किया।
इस फैसले के बाद पुलिस अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस का अभियान और सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

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