
Jamshedpur : टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड (TSDPL) के कर्मचारियों का 33 माह से लंबित ग्रेड समझौता मंगलवार को उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार की उपस्थिति में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अक्टूबर 2023 से लंबित इस ग्रेड समझौते के संपन्न होने से कर्मचारियों में हर्ष एवं उत्साह का माहौल है। समझौते से 550 स्थाई कर्मचारी लाभान्वित होंगे। वहीं एरियर प्रत्येक कर्मचारी को डेढ़ लाख से ज्यादा मिलेंगे। समझौते के अनुसार वर्ष 2023 में स्थायी कर्मचारियों के वेतनमान में कैश-इन-हैंड 12,200 से 14,400 तक की वृद्धि तथा कुल 18,200 तक की सीटीसी (CTC) वृद्धि सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही एमजीबी (MGB) में ₹6,400 की वृद्धि, एचआरए में 10 प्रतिशत तथा कंटीजेंसी भत्ते में 29 प्रतिशत की वृद्धि पर सहमति बनी है।
ये मिलेगा लाभ
ग्रेड समझौते के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वॉशिंग अलाउंस ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,400, नाइट शिफ्ट अलाउंस 80 से बढ़ाकर 108, एजुकेशन अलाउंस 1,700 से बढ़ाकर 2,500 तथा कन्वेयंस अलाउंस 2,000 से बढ़ाकर 2,500 कर दिया गया है।
कर्मचारी पुत्रों के नियोजन का मार्ग प्रशस्त
ग्रेड समझौते में कर्मचारियों की वर्षों पुरानी कई महत्वपूर्ण मांगों का भी समाधान किया गया है। इनमें लीव, इंसेंटिव बोनस, डीए, कर्मचारी कल्याण योजनाओं का विस्तार, कर्मचारियों के पुत्रों के नियोजन का मार्ग प्रशस्त करना, मेडिक्लेम राशि को 1.50 लाख से बढ़ाकर 2 लाख करना तथा 25 लाख के टर्म इंश्योरेंस पर यूनियन एवं प्रबंधन के बीच 50:50 सहभागिता के आधार पर सहमति शामिल है।
न्यू सीरीज के कर्मचारियों को 4000 का लाभ
न्यू सीरीज के कर्मचारियों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उनके वेतन में भी लगभग 4,000 तक की वृद्धि सुनिश्चित की गई है। यह ग्रेड समझौता उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
समझौते पर इन्होंने की हस्ताक्षर
प्रबंधन की ओर प्रबंध निदेशक जगजीत सिंह, वाइस प्रेसिडेंट अविनाश मेहता, सीएचआरओ करण लखानी, सीएफओ मनोज कुमार, चीफ एचआरआईआर संजय मजूमदार, जीएम जयदेव चांद तथा पुन्यश्लोक ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यूनियन की ओर से अध्यक्ष राकेश्वर पाण्डेय, महामंत्री त्रिदेव सिंह, सच्चिदानंद, प्रमोद उपाध्याय, राजेश कुमार, शशि भूषण मिश्रा, अमन सिंह, दिनेश कुमार, शशि वीर राणा, उपेंद्र राय, कौशलेश कुमार, सतीश मुखी, मनोज कुमार सिंह, चंद्रभूषण सिंह एवं अरुण त्रिपाठी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते को कर्मचारियों के आर्थिक, सामाजिक एवं पारिवारिक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होने के साथ-साथ औद्योगिक सौहार्द, उत्पादन क्षमता एवं श्रमिक-प्रबंधन के संबंधों को भी नई मजबूती मिलेगी।

