
रांची : झारखंड में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान दुमका, साहिबगंज और पाकुड़ सहित कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। अब मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भारी वर्षा, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार अगले कुछ घंटों के दौरान कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रांची समेत पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने राजधानी रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही बादलों की गर्जना, वज्रपात और तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज हवा और गरज-चमक के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और आवागमन प्रभावित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रिय स्थिति के कारण अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी रह सकता है।
येलो अलर्ट वाले जिलों में बरतें विशेष सावधानी
मौसम विभाग ने जिन पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां ओर पूर्वी सिंहभूम शामिल हैं। इन जिलों में भारी वर्षा के साथ वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों को मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
झारखंड के अन्य जिलों का मौसम कैसा रहेगा
राज्य के शेष जिलों के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज सहित अन्य जिलों को ग्रीन अलर्ट श्रेणी में रखा गया है। हालांकि इन क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, बादलों की गर्जना और वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता बनी रहने के कारण मौसम में तेजी से बदलाव संभव है।
झारखंड में मानसून बना रहेगा सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां झारखंड में मानसून को मजबूत बनाए हुए हैं। यही वजह है कि दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां अधिक प्रभावी बनी हुई हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इससे कृषि कार्यों को लाभ मिलने की संभावना है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

