Home » Chaibasa News : “करोड़ों खर्च, फिर भी बेकार पड़े अस्पतालों के ईटीपी” की खबर द फोटोन न्यूज में प्रकाशित होने के बाद सिविल सर्जन ने किया अस्पतालों का निरीक्षण, बोले- शत-प्रतिशत काम पूरा होने के बाद ही एजेंसी को मिलेगा भुगतान

Chaibasa News : “करोड़ों खर्च, फिर भी बेकार पड़े अस्पतालों के ईटीपी” की खबर द फोटोन न्यूज में प्रकाशित होने के बाद सिविल सर्जन ने किया अस्पतालों का निरीक्षण, बोले- शत-प्रतिशत काम पूरा होने के बाद ही एजेंसी को मिलेगा भुगतान

by Hari Shankar Gope
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा : सरकारी अस्पतालों में पर्यावरण संरक्षण और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए वर्ष 2024-25 में शुरू की गई 1.40 करोड़ रुपये की ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) योजना तीन साल बाद भी अधूरी पड़ी है। जिले के 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में करीब 10-10 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ईटीपी आज भी कई स्थानों पर उपयोग के लायक नहीं बन पाए हैं। इस बीच कार्यदायी एजेंसी ने विभाग में भुगतान के लिए बिल भी जमा कर दिया है, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरा कार्य पूरा हुए बिना एक रुपये का भी भुगतान नहीं होगा।

सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने स्वयं विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का किया निरीक्षण

ईटीपी की खामियों को लेकर दैनिक समाचार पत्र द फोटोन न्यूज में प्रकाशित होने के बाद सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने स्वयं गत सोमवार को विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई अस्पतालों में ईटीपी तो स्थापित कर दिए गए हैं, लेकिन आवश्यक स्थानों से पाइपलाइन कनेक्शन नहीं होने के कारण संयंत्र बेकार पड़े हैं। इससे स्पष्ट हुआ कि योजना का क्रियान्वयन अधूरा छोड़ दिया गया है।

कई स्वास्थ्य केंद्रों में ईटीपी लगाए गए, लेकिन उचित स्थानों से कनेक्शन नहीं

सिविल सर्जन ने कहा कि निरीक्षण में समाचार में उठाए गए तथ्य सही पाए गए। कई स्वास्थ्य केंद्रों में ईटीपी लगाए गए हैं, लेकिन उचित स्थानों से कनेक्शन नहीं होने के कारण उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में आवश्यक कनेक्शन हर हाल में पूरे कराए जाएंगे, ताकि ईटीपी पूरी क्षमता से संचालित हो सके।

शत-प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद ही ठेकेदार या कार्यदायी एजेंसी को किया जाएगा भुगतान

उन्होंने दो टूक कहा कि संबंधित योजना के ठेकेदार या कार्यदायी एजेंसी को शत-प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। जब तक सभी तकनीकी कमियां दूर नहीं होतीं और ईटीपी पूरी तरह चालू नहीं हो जाते, तब तक विभाग किसी भी बिल का भुगतान नहीं करेगा।

द फोटोन न्यूज ने अपनी पड़ताल में किया था खुलासा

गौरतलब है कि द फोटोन न्यूज ने अपनी पड़ताल में खुलासा किया था कि कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ईटीपी लगाए जाने के बावजूद उन्हें प्रसव कक्ष सहित अन्य आवश्यक स्रोतों से नहीं जोड़ा गया है। विशेष रूप से तांतनगर और मंझारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव कक्ष का कनेक्शन नहीं होने से सबसे अधिक संक्रमित तरल अपशिष्ट का उपचार नहीं हो पा रहा था। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षण कराया और अब अधूरे कार्य पर भुगतान रोकने का निर्णय लिया है।

Read Also Chaibasa News : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक, 22 जुलाई को होगी बीएलओ की तृतीय बैठक

Related Articles

Leave a Comment