
Jamshedpur : छोटा गोविंदपुर स्थित विवेक विद्यालय में हिंदी साहित्य के महान कथाकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्रेमचंद के जीवन, साहित्य और सामाजिक विचारों को विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य, वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षकों ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रेमचंद के जीवन, व्यक्तित्व और हिंदी साहित्य में उनके अमूल्य योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज के वंचित और शोषित वर्ग की पीड़ा को स्वर दिया तथा समानता, न्याय, मानवीय संवेदना और नैतिक मूल्यों को सशक्त अभिव्यक्ति प्रदान की।
कालजयी रचनाओं का प्रभावशाली मंचन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्राथमिक विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नाट्य रूपांतरण रहा। विद्यार्थियों ने प्रेमचंद की प्रसिद्ध रचनाओं ‘बूढ़ी काकी’, ‘दो बैलों की कथा’ और ‘ईदगाह’ का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से करुणा, त्याग, सेवा, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त संदेश दिया गया। उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
‘प्रेमचंद का साहित्य समाज का दर्पण’
विद्यालय के प्राचार्य ने हिंदी विभाग को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य केवल कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज का सजीव दर्पण है। उनकी रचनाएं आज भी लोगों को संवेदनशील, न्यायप्रिय और मानवीय बनने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और भविष्य में भी इस प्रकार के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने पर बल दिया।

