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Jamshedpur Flood : कम होने लगा स्वर्णरेखा व खरकई का जलस्तर, अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं दोनों नदियां

बागबेड़ा, शास्त्री नगर और मानगो की कई बस्तियां बाढ़ की चपेट में, मोटर लगा कर पानी निकालेगा प्रशासन

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर बुधवार की सुबह से कम होने लगा है। फिर भी यह नदियां अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। स्वर्णरेखा नदी का मानगो ब्रिज के पास खतरे का निशान 121.50 मीटर पर है, जबकि यह नदी 123. 20 मीटर पर बह रही है। इस तरह स्वर्णरेखा नदी अभी भी खतरे के निशान से 1.7 मीटर ऊपर बह रही है। खरकई नदी का आदित्यपुर ब्रिज के पास खतरे का निशान 129 मीटर पर है, जबकि यह नदी अभी भी 133.60 मीटर पर बह रही है। यानी, नदी खतरे के निशान से 4.2 60 मीटर ऊपर बह रही है।

गौरतलब है कि मंगलवार की रात 10:00 बजे स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.48 मीटर ऊपर और खरकई नदी 6.70 मीटर ऊपर बह रही थी। इस तरह अब इन दोनों नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे की तरफ आ रहा है। नदियों के जलस्तर का ट्रेंड नीचे की तरफ होने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

गौरतलब है कि जमशेदपुर के तटीय इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। कदमा में एक युवक टीपू खान डूब गया है। उसकी खोज जारी है। बागबेड़ा, शास्त्री नगरं मानगो आदि इलाकों में एनडीआरएफ के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं। हजारों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

डीसी ने जलजमाव वाले क्षेत्रों में मोटर पंप से जलनिकासी के दिए निर्देश

स्वर्णरेखा एवं खरकई नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा नदी के तटीय एवं डूब क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

जिला दंडाधिकारी- सह- उपायुक्त राजीव रंजन द्वारा जलजमाव वाले क्षेत्रों में तत्काल जलनिकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जुस्को के सहयोग से शास्त्रीनगर, रामजनमनगर, बागबेड़ा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में मोटर पंप के माध्यम से जल निकासी का कार्य कराने हेतु निर्देशित किया गया है। संबंधित नगर निकाय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जलजमाव वाले क्षेत्रों की स्थिति का लगातार आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन एवं मशीनरी की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को जलजमाव से जल्द से जल्द राहत मिल सके।

इसके साथ ही, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, जुगसलाई नगर परिषद एवं मानगो नगर निगम के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संभावित प्रभावित नागरिकों के लिए चिन्हित आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। आश्रय स्थलों पर खाने-पीने, भोजन, फर्स्ट एड, प्रकाश, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पूरी रहे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

जिन क्षेत्रों में जलजमाव कम हो गया है या पानी निकल चुका है, वहां युद्धस्तर पर साफ-सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। जल निकासी के बाद सड़कों, गलियों एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई कराने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा फॉगिंग कराने को कहा गया है। जलजमाव के कारण उत्पन्न गंदगी एवं मच्छरों के प्रजनन की संभावना को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वच्छता एवं मच्छररोधी गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौसम जनित एवं जलजनित बीमारियों के प्रसार की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग को कर दिया गया अलर्ट 

स्वास्थ्य विभाग को भी प्रभावित एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक निगरानी रखने तथा जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि जलजमाव के बाद आसपास की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, दूषित पानी के सेवन से बचें तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

हालात पर नज़र रख रहा प्रशासन

जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें तथा अपनी एवं अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सतर्क रहें।

तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील

उपायुक्त राजीव रंजन ने डूब क्षेत्र एवं नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न लें। आवश्यकता होने पर प्रशासन द्वारा चिह्नित आश्रय स्थलों अथवा सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर शरण लें। नदी, नाला एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों के समीप अनावश्यक रूप से जाने से बचें तथा प्रशासन एवं स्थानीय निकायों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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