
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सारंडा जंगल क्षेत्र में जारी लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हतनाबुरु गांव के पास बहने वाली जलधारा के तेज उफान में एक पुलिया के पास बनी पीसीसी सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया। इसके साथ ही मार्ग पर एक विशाल वृक्ष के गिर जाने से रास्ता बेहद संकरा और खतरनाक हो गया है।
इस मुख्य मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है। स्थिति यह है कि दोपहिया वाहनों को भी इस टूटे हुए रास्ते से निकालने में लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बारिश के दौरान जलस्तर और पानी का बहाव तेज होने के कारण दुर्घटना का अंदेशा और अधिक बढ़ जाता है।
गौरतलब है कि यह प्रभावित सड़क छोटानागरा और थोलकोबाद को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग है। इस रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण विभिन्न कार्यों से यात्रा करते हैं। सड़क कटने की वजह से सारंडा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के निवासियों का हाट-बाजार, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से स्थिति का तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क पर पड़े पेड़ को अविलंब हटाया जाए तथा क्षतिग्रस्त पीसीसी मार्ग की त्वरित मरम्मत कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी या अस्थायी सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह मार्ग पूरी तरह ठप हो सकता है, जिससे पूरे इलाके का संपर्क कट जाएगा और लोगों की समस्याएं कई गुना बढ़ जाएंगी।


