Home » JSSC CGL और CDPO अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर लगाई रोक

JSSC CGL और CDPO अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर लगाई रोक

अदालत ने इस पूरे विवाद पर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। ​सुनवाई की अगली तारीख 15 सितंबर 2026 को है।

by Kanchan Kumar
Jharkhand High Court
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

 ​​रांची  : झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा और सीडीपीओ भर्ती को रद्द करने के फैसले पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। अदालत के इस रुख से परीक्षा देने वाले युवाओं और चुने गए अधिकारी व कर्मचारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

​अदालत के फैसले से जुड़े मुख्य बिंदु

नियुक्ति रद्द करने पर रोक: हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करने के आदेश पर अंतरिम स्टे लगा दिया है। इससे पहले भी कोर्ट तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा चुका है।

सरकार को नोटिस: अदालत ने इस पूरे विवाद पर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है।
सुनवाई की अगली तारीख निश्चित: मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही इस भर्ती प्रक्रिया का भावी रुख तय होगा।

​PCCF नियुक्ति पर सोमवार को सुनवाई

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) नियुक्ति से जुड़ी याचिका पर भी हाईकोर्ट में चर्चा हुई। चूंकि इस पद पर अभी अंतिम बहाली नहीं हुई है, इसलिए अदालत ने इस मुद्दे पर सोमवार को विस्तृत सुनवाई करने की बात कही है।

ज्ञात हो कि सकार के फैसले के खिलाफ परीक्षा पास कर चुके नवनियुक्त अधिकारी व कर्मियों ने अदालत का रुख किया था। गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चयनित अभ्यर्थियों ने अपने अधिकारों की रक्षा की गुहार लगाई और मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई करने की अपील की थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता अमृतांश वत्स की टीम काम कर रही है। ​

याचिका में  तर्क दिया था कि बिना कोई ठोस कानूनी आधार बताए और बिना चयनित उम्मीदवारों का पक्ष सुने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करना पूरी तरह असंवैधानिक एवं ​एकतरफा कार्रवाई है।

अभ्यर्थी अपनी कड़ी मेहनत और योग्यता के बल पर चुने गए थे और विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ऐसे में प्रशासनिक दबाव में आकर उनके रोजगार को खतरे में डालना गलत है।

Related Articles

Leave a Comment