
जमशेदपुर : कद्दू की सब्जी और उसके बीजों का इस्तेमाल आमतौर पर घरों में किया जाता है, लेकिन इसके फूल भी पोषण के मामले में कम उपयोगी नहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में कद्दू के फूलों की पकौड़ी, भुजिया और सब्जी बड़े चाव से खाई जाती है। डाइटिशियन प्रिया द्विवेदी के अनुसार, इनमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में इनका सेवन शरीर को कई संभावित स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को मिल सकता है सहारा
डाइटिशियन प्रिया द्विवेदी बताती हैं कि कद्दू के फूलों में विटामिन-सी और जिंक जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये तत्व शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। बदलते मौसम में संतुलित आहार के साथ इन फूलों को भोजन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ के भरोसे बीमारी से बचाव का दावा नहीं किया जा सकता।
सूजन कम करने वाले गुण
कद्दू के फूलों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। इनमें कुछ प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो शरीर में होने वाली सामान्य सूजन को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं। महिलाओं को मासिक धर्म से पहले होने वाली कुछ सामान्य परेशानियों में भी पौष्टिक और संतुलित आहार से लाभ मिल सकता है।
पाचन को बेहतर रखने में उपयोगी
इन फूलों में फाइबर की मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है। प्रिया द्विवेदी के मुताबिक, फाइबर आंतों की गतिविधि को सामान्य रखने और कब्ज की समस्या घटाने में सहायता करता है। कम कैलोरी वाला खाद्य पदार्थ होने के कारण इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, इसे वजन घटाने का अकेला उपाय नहीं मानना चाहिए।
त्वचा को पोषण देने में सहायक
कद्दू के फूलों में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं। विशेष रूप से विटामिन-सी शरीर में कोलेजन बनने की प्राकृतिक प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। इससे त्वचा की चमक और लचीलेपन को सहारा मिल सकता है।
इस तरह कर सकते हैं सेवन
कद्दू के फूलों को अच्छी तरह धोकर उनकी सब्जी, भुजिया या कम तेल वाली पकौड़ी बनाई जा सकती है। इनमें प्याज, हरी मिर्च और धनिया मिलाकर चोखा भी तैयार किया जा सकता है। डाइटिशियन प्रिया द्विवेदी सलाह देती हैं कि फूल ताजे हों और उन्हें पकाने से पहले अच्छी तरह साफ किया जाए। पहली बार सेवन करने पर एलर्जी या पेट संबंधी परेशानी दिखाई दे तो इन्हें खाना बंद कर विशेषज्ञ से संपर्क करें। गर्भावस्था या किसी गंभीर बीमारी में सेवन से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर रहेगा।

