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Ranchi Accident: जलमीनार तोड़ने में जल्दबाजी पड़ी भारी, पिलर की छड़ें काटते ही ढहा ढांचा; दो मजदूरों की मौत

​सुरक्षा मानकों से खिलवाड़, ठेकेदार की जल्दबाजी और अफसरों की अनदेखी ने ली दो जिंदगियां

by Kanchan Kumar
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रांची :रांची में सुरक्षा की भारी अनदेखी ने दो बेकसूर श्रमिकों की जान ले ली। जिला स्कूल के पास पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के यांत्रिक प्रमंडल परिसर में 50 साल से अधिक पुरानी एक जर्जर जलमीनार को गिराने का काम चल रहा था। बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे इस जर्जर ढांचे के पिलर की छड़ें कटर मशीन से काटते ही पूरी इमारत असंतुलित होकर भरभराकर गिर पड़ी।

​इस दर्दनाक हादसे में पलामू जिले के पड़वा मोड़ निवासी सत्या भुइयां और मैथली शरण महतो मलबे के नीचे दब गए। मलबे का वजन इतना अधिक था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मलबे के भारी-भरकम ढेर से शवों को निकालने के लिए जिला प्रशासन और रांची नगर निगम को करीब तीन घंटे तक पोकलेन मशीन और हाईमास्ट लाइटों की मदद से बचाव अभियान चलाना पड़ा।

लोहे की छड़ों को एक साथ काट दिया

​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जलमीनार को तोड़ने की जिम्मेदारी मां कृपा डेवलपर इंटरप्राइजेज को सौंपी गई थी। ठेकेदार के कर्मचारियों ने काम जल्द खत्म करने के चक्कर में पिलर के दो अलग-अलग हिस्सों की लोहे की छड़ों को एक साथ काट दिया। इससे पूरी संरचना का भार एक तरफ आ गया और जोर का धमाका हुआ। आसपास की जमीन तक कांप उठी और वहां काम कर रहे दो अन्य मजदूर महेश बिरजिया तथा मंजीत बिरजिया बाल-बाल बच गए।

उपलब्ध नहीं कराए गए थे सुरक्षा उपकरण

हादसे ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि इतना जोखिम भरा काम बिना किसी विभागीय अधिकारी या इंजीनियर की मौजूदगी में कराया जा रहा था। मजदूरों को हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट जैसे बुनियादी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हादसे के दो घंटे बाद तक विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

​इस हादसे ने दो परिवारों को ताउम्र का दर्द दे दिया है। 25 वर्षीय मृतक सत्या भुइयां की हाल ही में शादी हुई थी और उसका एक छोटा बच्चा भी है। घटना के समय उसके मोबाइल पर घर से लगातार फोन आता रहा, लेकिन वह फोन उठाने के लिए जिंदा नहीं बचा था।

​हादसे के बाद इलाके के विधायक सीपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उधर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। उपायुक्त ने कहा कि जांच में कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की समीक्षा की जाएगी और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने शवों को रिम्स में पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
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