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Ghatsila Blue Pond : मऊभंडार के ‘ब्लू पॉन्ड’ का बढ़ रहा क्रेज, नीले पानी में रील बनाने की होड़

सुरक्षा को ताक पर रख रहे युवा, आकर्षण के फेर में जहरीले पानी तक पहुंच रही भीड़, चेतावनी बोर्ड नदारद

by Rakesh Pandey
Ghatsila Blue Pond
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घाटशिला : सोशल मीडिया पर वायरल होने और रील बनाने का खतरनाक शौक अब गालूडीह के उल्दा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मऊभंडार स्थित मुक्तिधाम के पास भी इसी तरह के अपशिष्ट या स्लैग वाला नीला पानी नया केंद्र बन चुका है। गालूडीह के ब्लू प्वाइंट की तर्ज पर अब मऊभंडार क्षेत्र में बने ब्लू पॉन्ड तक युवक-युवतियां और स्कूली बच्चे मोबाइल फोन व एसएलआर कैमरे लेकर पहुंच रहे हैं। औद्योगिक प्रक्रिया से निकलने वाला यह गहरा नीला पानी देखने में भले ही आकर्षक और किसी विदेशी लोकेशन जैसा प्रतीत होता है, लेकिन असलियत में यह रसायनों और सिल्ट या गाद से भरा एक खतरनाक जाल है।


स्थानीय लोगों के अनुसार, मुक्तिधाम के आसपास के क्षेत्र में जमा यह पानी सामान्य जलस्रोत या प्राकृतिक झील नहीं है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट व स्लरी या झाग के जमाव की वजह से इसका रंग नीला दिखाई देता है। ऐसे केमिकल युक्त पानी में अत्यधिक गहराई और नीचे दलदल होने की संभावना रहती है। इसके संपर्क में आने से न केवल गंभीर त्वचा संबंधी रोग (एलर्जी, इन्फेक्शन) हो सकते हैं, बल्कि पानी के भीतर जहरीले तत्वों की मौजूदगी जानलेवा साबित हो सकती है।

घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड नहीं होने से खतरा

गालूडीह की तरह मऊभंडार के इस संवेदनशील इलाके में भी सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं दिख रहे हैं। न तो मौके पर किसी प्रकार का सांकेतिक या चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए कोई पुख्ता बैरिकेडिंग की गई है। बेखौफ होकर युवा तालाब के बिल्कुल किनारे और फिसलन भरी ढलानों पर खड़े होकर स्टंट और वीडियोग्राफी कर रहे हैं। हल्की सी चूक या पैर फिसलने पर दलदलनुमा गहरे पानी से बाहर निकलना नामुमकिन हो सकता है। यह स्थान एचसीएल कंपनी के पास है, इसलिए लोग जनसरोकार के तहत कंपनी प्रबंधन से पहल की अपेक्षा रखते हैं।

हादसे से पहले जागे प्रशासन व संबंधित प्रबंधन

स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि किसी बड़ी अनहोनी या जान जाने का इंतजार किए बिना संबंधित प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को तुरंत हरकत में आना चाहिए। मांग की जा रही है कि इस पूरे इलाके की घेराबंदी कर अनधिकृत प्रवेश पर तत्काल रोक लगाई जाए।

मौके पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाए, ताकि लोगों को पानी की विषाक्तता की जानकारी हो सके। सुरक्षाकर्मियों की गश्त बढ़ाई जाए और रील बनाने के नाम पर जान जोखिम में डालने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

Report By- हर्ष कुमार राय

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