
चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय में स्वच्छता के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करना था।
स्वच्छता को बनाया सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान NSS स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। स्वयंसेवकों ने परिसर में बिखरे कचरे एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित किया तथा परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने का संदेश दिया। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
NSS स्वयंसेवकों ने अपने कार्यों के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता की संस्कृति विकसित करने तथा अन्य विद्यार्थियों को भी स्वच्छता गतिविधियों में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया। अभियान में स्वच्छ परिसर, हरित पर्यावरण और स्वस्थ समुदाय की अवधारणा को प्रमुखता दी गई।
स्वच्छ एवं हरित विश्वविद्यालय परिसर पर जोर
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत केवल कचरा हटाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि स्वच्छ एवं हरित वातावरण के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन तथा सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।
NSS का यह प्रयास इस विचार को आगे बढ़ाता है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की पहचान केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके स्वच्छ वातावरण, सामाजिक चेतना और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से भी होती है।
कुलपति ने दी अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं
इस अवसर पर कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के सफल आयोजन के लिए NSS के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं समस्त विश्वविद्यालय परिवार से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति निरंतर जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण को गति मिल सकती है। उन्होंने अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी NSS स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
NSS पदाधिकारियों के नेतृत्व में कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन NSS निदेशक, कोल्हान विश्वविद्यालय, डॉ. मीनाक्षी मुंडा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने NSS की सामाजिक जिम्मेदारियों के अनुरूप स्वच्छता एवं जन-जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में NSS Programme Officer डॉ. कंचन कच्छप तथा NSS Programme Officer जया जैकलीन तिर्की की सक्रिय सहभागिता रही। दोनों Programme Officers के मार्गदर्शन में NSS स्वयंसेवकों ने अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता के संदेश को व्यवहारिक रूप से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता के प्रति विशेष आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया। उनके मार्गदर्शन, सहयोग एवं प्रोत्साहन से विश्वविद्यालय में NSS के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जन-जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है।
कुलपति के मार्गदर्शन में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील समाजसेवी और पर्यावरण के प्रति जागरूक व्यक्ति बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी
अभियान में NSS स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। स्वच्छता गतिविधियों में उनकी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि युवा वर्ग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ अपने दैनिक जीवन में भी स्वच्छता को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालना, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचना, सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना और पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान ने विश्वविद्यालय समुदाय को यह संदेश दिया कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति, संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सामूहिक प्रयास और निरंतर सहभागिता आवश्यक है। जब विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी एवं समाज के अन्य वर्ग मिलकर स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं, तभी स्थायी एवं प्रभावी परिवर्तन संभव है।
कोल्हान विश्वविद्यालय में आयोजित यह अभियान विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन, पर्यावरणीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम के अंत में अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी NSS स्वयंसेवकों, पदाधिकारियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने “स्वच्छ परिसर—हरित परिसर—स्वस्थ समुदाय” के संकल्प को और मजबूत किया तथा स्वच्छता को निरंतर जीवनशैली के रूप में अपनाने का संदेश दिया।
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