
रांची : झारखंड में जेपीएससी ने रद्द की गई सिविल सेवा और सीडीपीओ परीक्षाओं पर हाईकोर्ट में अपना जवाब दे दिया है। आयोग ने साफ कहा है कि परीक्षाएं रद्द करने का फैसला पूरी तरह राज्य सरकार का है। सरकार को यह नीतिगत निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। आयोग के अनुसार, सरकार स्थिति के हिसाब से कोई भी कदम उठा सकती है।
इस फैसले को लेकर छात्रों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। आशीष अक्षत ने सिविल सेवा परीक्षा रद्द होने के खिलाफ याचिका दायर की है। वहीं, सुभाष मुर्मू ने सीडीपीओ परीक्षा रद्द करने के फैसले को चुनौती दी है। दोनों मामलों में जेपीएससी ने अदालत को बताया कि यह निर्णय उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर का था। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में आयोग से जवाब मांगा था। अब इन सभी याचिकाओं पर 15 सितंबर को अगली सुनवाई तय की गई है।
यह पूरा मामला सीआईडी की जांच रिपोर्ट से जुड़ा हुआ है। सीआईडी जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसके बाद 18 अगस्त की रात सरकार ने बड़ा कदम उठाया। सरकार ने टेंडर देने वाली कंपनी टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। इसके साथ ही साल 2014 के बाद हुई सभी भर्तियों की जांच के आदेश दिए गए।
कार्मिक विभाग ने इस संबंध में अलग से आदेश जारी किया था। इसके तहत कुल 22 परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। 6 अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। इसके अलावा 17 परीक्षाएं सीआईडी जांच के घेरे में हैं। इस पूरे घटनाक्रम से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। अदालत के अगले फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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