Home » Ranchi ED Raid : रांची से कोलकाता ले जाए गए TMC के सांसद, ED की रेड में 60 करोड़ की अनियमितता का आरोप 

Ranchi ED Raid : रांची से कोलकाता ले जाए गए TMC के सांसद, ED की रेड में 60 करोड़ की अनियमितता का आरोप 

Ranchi ED Raid : बैंक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की हुई जांच; अखबार के सर्कुलेशन व विज्ञापन से जुड़े हैं इल्जाम 

by Mujtaba Haider Rizvi
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Ranchi : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक और उनके मीडिया संस्थान से जुड़ी संपत्तियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई मंगलवार को समाप्त हो गई। सोमवार सुबह शुरू हुई यह छापेमारी 24 घंटे से अधिक समय तक चली। जांच के दौरान करीब 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का दावा किया गया है। हालांकि, इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

कोलकाता, दिल्ली और रांची समेत सात ठिकानों पर छापेमारी

ईडी की टीमों ने कोलकाता, दिल्ली और रांची समेत कुल सात ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। दिल्ली स्थित सांसद के आधिकारिक आवास पर सोमवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई रात करीब 10:20 बजे तक जारी रही। इस परिसर का इस्तेमाल टीएमसी के पार्टी कार्यालय के तौर पर भी किया जाता है।

कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में स्थित उर्दू दैनिक अखबार-ए-मशरिक के कार्यालय और सांसद से जुड़े अन्य परिसरों पर भी तलाशी ली गई।

रांची से कोलकाता लाए गए सांसद

छापेमारी शुरू होने के समय नदीमुल हक रांची में मौजूद थे। ईडी के अधिकारी सोमवार रात उन्हें रांची से कोलकाता लेकर आए। इसके बाद उनके आवास और कार्यालय में मौजूदगी के दौरान उनसे लंबी पूछताछ की गई।

60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जांच

ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। शुरुआती जांच में करीब 60 करोड़ रुपये के ऐसे लेन-देन का पता चलने का दावा है, जिनके समर्थन में ठोस या संतोषजनक कागजी दस्तावेज नहीं मिले।

अब एजेंसी यह जांच कर रही है कि यह रकम वास्तविक व्यापारिक सौदों का हिस्सा थी या फिर इसे हवाला जैसे गैरकानूनी माध्यमों से भेजा गया था। टीएमसी से कथित तौर पर जुड़ी रकम के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

सांसद और अखबार पर क्या हैं आरोप?

नदीमुल हक 56 वर्षीय राज्यसभा सांसद हैं और अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक भी हैं। यह मामला बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय में दर्ज एक एफआईआर पर आधारित है, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की है।

जांच में निम्नलिखित आरोपों की पड़ताल की जा रही है:

• बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन करना, जिसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने का आरोप है।

• सरकारी विज्ञापन हासिल करने के लिए अखबार के सर्कुलेशन को कथित तौर पर बढ़ाकर दिखाना।

• आरोप है कि तत्कालीन टीएमसी सरकार से अखबार को अधिकांश विज्ञापन फंड एक ऐसी एजेंसी के माध्यम से मिला, जिसके संबंध दुबई की एक इकाई से बताए जाते हैं।

• अज्ञात और संदिग्ध माध्यमों से धन प्राप्त करने का आरोप।

• कथित तौर पर ऐसी सामग्री प्रकाशित करना, जो सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देती हो।

जांच जारी, गिरफ्तारी नहीं

ईडी की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच जारी है। एजेंसी संदिग्ध लेन-देन, वित्तीय दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

Read Also: JPSC-JSSC धंधली मामलें में नया खुलासा, TDPL में रहते हुए अभय तिवारी ने खुद भी थी परीक्षा

Related Articles

Leave a Comment