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Cyber Security : साइबर अपराध नहीं, उसकी रोकथाम से बने झारखंड की पहचान : राज्यपाल

by Nikhil Kumar
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रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के दीक्षांत में 207 विद्यार्थियों को डिग्री, पांच टॉपर्स को गोल्ड मेडल
रांची : झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में सोमवार को 207 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गयीं। विभिन्न पाठ्यक्रमों में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाले पांच विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। आर्यभट्ट सभागार में आयोजित समारोह में राज्यपाल-सह-कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने टॉपर्स को स्वर्ण पदक प्रदान किये और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की पहचान साइबर अपराध के लिए नहीं, बल्कि साइबर अपराध की रोकथाम और उससे प्रभावी ढंग से निपटने में अग्रणी राज्य के रूप में होनी चाहिए। इसके लिए युवाओं, विशेषकर सुरक्षा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्र की सुरक्षा के लिए करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी, डेटा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग, वित्तीय और संगठित अपराध जैसी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं। फर्जी वीडियो, आवाज की नकल, भ्रामक सूचनाएं और साइबर हमले सुरक्षा व्यवस्था के सामने नयी चुनौती हैं। ऐसे में तकनीकी दक्षता के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विश्लेषण क्षमता और लगातार सीखने की जरूरत है।
उन्होंने विश्वविद्यालय को साइबर अपराध, अपराध मनोविज्ञान, महिला एवं बाल सुरक्षा, वित्तीय अपराध, नशीले पदार्थों की रोकथाम, आपदा प्रबंधन और आधुनिक पुलिसिंग जैसे विषयों पर समाधानपरक शोध को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। साथ ही पुलिस, प्रशासन, रक्षा एवं तकनीकी संस्थानों और उद्योगों के साथ अकादमिक व प्रशिक्षण संबंध मजबूत करने पर जोर दिया।
समारोह में कृति राज कुमारी, राउत इतिक्षा मनोज कुमार, आकाश कुमार गुप्ता, यीवाशी कुमारी और कृष्ण कांत कर को विभिन्न पाठ्यक्रमों में सर्वोच्च स्थान हासिल करने पर गोल्ड मेडल दिया गया।

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