
ईसीआई) की स्वीकृति मिलने के बाद झारखंड के सीईओ ने दी जानकारी
रांची : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समय-सीमा बढ़ा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की स्वीकृति मिलने के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्तों को संशोधित समय-सारिणी के अनुसार पुनरीक्षण की सभी प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश दिया है। अब 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। सीईओ ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा है कि पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति वाले सभी मामलों में पहले और दूसरे नोटिस का निस्तारण 22 अक्टूबर तक किया जाना है। दूसरे नोटिस के बाद भी स्वीकार्य दस्तावेज जमा नहीं करने वाले मतदाताओं का सत्यापन और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा घर जाकर सत्यापन 31 अक्टूबर तक पूरा करना होगा। इसी तारीख तक अन्य श्रेणी के गैर-नोटिस मामलों का निस्तारण भी किया जाएगा।
फॉर्म-6, फॉर्म-6ए, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित सभी दावों और आपत्तियों का डिजिटलीकरण भी 31 अक्टूबर तक पूरा करना है। अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हुए नागरिकों के लिए 1 से 12 नवंबर तक घर-घर जाकर मतदाता सूची से सत्यापन और फॉर्म-6 का डिजिटलीकरण किया जाएगा। निस्तारित नोटिसों की जिला निर्वाचन पदाधिकारी, मतदाता सूची पर्यवेक्षक और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर से जांच एवं पुनर्जांच 1 से 21 नवंबर तक होगी। मतदान केंद्रों के काल्पनिक गृह संख्या, नजरी नक्शा, मुख्य नक्शा, गूगल नक्शा और मतदान केंद्रों की तस्वीरें निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन नेटवर्क पर अपडेट करने का काम 1 से 23 नवंबर तक पूरा किया जाएगा। सभी दावों और आपत्तियों का अंतिम निस्तारण 23 नवंबर तक करना होगा। इसके बाद 24 से 29 नवंबर तक मतदाता सूची के गुणवत्ता मानकों की जांच, अंतिम प्रकाशन के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति लेने और मतदाता सूची की छपाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

