
चाईबासा : राजधानी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जेएनयू परिसर में छात्राओं के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर प्रकरण के विरोध में झारखंड के चाईबासा में सियासी पारा चढ़ गया है। पश्चिमी सिंहभूम जिला भाजपा महिला मोर्चा की ओर से सोमवार को एक कड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद एवं जेएनयू प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के विरुद्ध तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई, उनकी गिरफ्तारी तथा लोकसभा सदस्यता से बर्खास्तगी की पुरजोर मांग उठाई। इस पूरे आंदोलन की कमान जिलाध्यक्ष दुर्गावती बोयपाई के हाथों में थी।
पुलिस बैरिकेडिंग पर भड़कीं महिला कार्यकर्ता
आक्रोशित महिला मोर्चा की सदस्याओं ने स्थानीय कैफेटेरिया परिसर से एक विशाल विरोध मार्च की शुरुआत की। यह जुलूस मुख्य मार्गों होते हुए पोस्ट ऑफिस चौक और सदर बाजार से गुजरते हुए कांग्रेस भवन के समक्ष पहुंचा। हालांकि, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल और सुरक्षा प्रबंधों के कारण उन्हें मुख्य द्वार तक जाने से रोक दिया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने से भड़की कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया और जमकर सरकार व कांग्रेस पार्टी विरोधी नारे लगाए। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षण संस्थानों में बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पीड़ितों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।
कांग्रेस की चुप्पी पर खड़े किए गए गंभीर सवाल
धरना स्थल को संबोधित करते हुए भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने कड़े शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के मूल मंत्र और संकल्प के साथ आधी आबादी के सम्मान व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी भले ही ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ जैसे लुभावने नारे गढ़ती हो, लेकिन जब उसकी पार्टी के ही एक सांसद पर इतने संगीन आरोप लगे हैं, तो पूरी पार्टी चुप्पी साधे हुए है। यह उनकी कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है तथा उनके महिला हितैषी होने के दावों की पोल खोलता है। कांग्रेस को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना ही होगा।
न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि इस संवेदनशील प्रकरण में छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा और पीड़ितों को न्याय मिल सके। उन्होंने दोहराया कि भाजपा महिला मोर्चा नारी गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर सड़कों पर आवाज बुलंद करता रहेगा।
इस आंदोलन को जिलाध्यक्ष दुर्गावती बोयपाई और मालती गिलुवा ने भी संबोधित किया और चेतावनी दी कि जब तक बेटियों को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक और डॉ. विजय गागराई के विचार भी विशेष रूप से गूंजे।
प्रमुख उपस्थिति और सहयोग
इस प्रदर्शन में सीमा कुमारी मुंडारी, सुखमति बिरुवा, रानी बंदिया, संगीता देवी, सुशीला नायक, रानी तिरिया, सुशीला पूर्ति, विजेता गोप, सुनीता कुंकल, सविता कुंकल, सृष्टि दास, सुष्मिता घोष, सुलेखा तांती, सुखमति पाल, पिंकी चाम्पिया, संतोषी देवी, काजल दास और सुखमति बांद्रा समेत बड़ी संख्या में महिला नेत्रियों की सक्रिय भागीदारी रही। इसके अतिरिक्त, सतीश पुरी, चंदन झा, रूपा सिंह दास, पवन शर्मा, प्रताप कटियार महतो, चंद्रमोहन तियू, राकेश पोद्दार, हर्ष रवानी, रविशंकर विश्वकर्मा, मुकेश सिंह और अनंत सायनम सहित दर्जनों पुरुष कार्यकर्ताओं ने भी इस विरोध-प्रदर्शन को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग प्रदान किया।

