
Jamshedpur : टाटा स्टील के झरिया डिवीजन ने खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कोयला मंत्रालय की ओर से रायपुर में 2 नवंबर को आयोजित ‘स्टार रेटिंग अवॉर्ड्स फॉर कोल एंड लिग्नाइट माइंस’ समारोह में झरिया डिवीजन की भेलाटांड़ अमलगैमेटेड कोलियरी और सिजुआ कोलियरी को आकलन वर्ष 2024-25 के लिए भूमिगत खदान श्रेणी में प्रतिष्ठित फाइव स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने टाटा स्टील के झरिया डिवीजन के जनरल मैनेजर नरेंद्र कुमार गुप्ता, सिजुआ कोलियरी के हेड संजीव कुमार ठाकुर तथा अधिकारियों की टीम को प्रदान किया। समारोह में कोयला मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
इस वर्ष आयोजित स्टार रेटिंग आकलन में ओपनकास्ट, भूमिगत और मिश्रित श्रेणियों की कुल 382 खदानों ने हिस्सा लिया था। इनमें से केवल 50 खदानें ही फाइव स्टार रेटिंग हासिल कर सकीं। वहीं, 140 भूमिगत खदानों में महज 15 को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला। ऐसे में झरिया डिवीजन की दो कोलियरियों को यह उपलब्धि मिलना विशेष महत्व रखता है।
उल्लेखनीय है कि सिजुआ कोलियरी को वर्ष 2023-24 में फोर स्टार रेटिंग मिली थी, जबकि भेलाटांड़ कोलियरी ने उस वर्ष भी फाइव स्टार रेटिंग हासिल की थी। इसके अलावा झरिया डिवीजन की चार भूमिगत कोलियरियां वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के स्टार रेटिंग आकलन में भी विभिन्न सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं।
इस उपलब्धि पर झरिया डिवीजन के जनरल मैनेजर नरेंद्र कुमार गुप्ता ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह सम्मान कर्मचारियों की सामूहिक प्रतिबद्धता, अनुशासन और टीमवर्क का परिणाम है। सभी के प्रयासों से डिवीजन में मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित हुई है।
उन्होंने कहा कि ये सम्मान झरिया डिवीजन के खनन कार्यों में उत्कृष्टता और सुरक्षित एवं टिकाऊ खनन पद्धतियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करते हैं।
गौरतलब है कि कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खदानों का मूल्यांकन सुरक्षा, वैज्ञानिक खनन, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग, सतत विकास और समग्र परिचालन प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय खनन क्षेत्र में बेहतर कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और खदानों में निरंतर सुधार की संस्कृति को मजबूत करना है।

