Home » Jamshedpur Crime : जमशेदपुर में सिम कार्ड के नाम पर बड़ा साइबर खेल, एक ग्राहक के नाम पर दो सिम जारी कर अपराधियों को बेचते थे; तीन गिरफ्तार

Jamshedpur Crime : जमशेदपुर में सिम कार्ड के नाम पर बड़ा साइबर खेल, एक ग्राहक के नाम पर दो सिम जारी कर अपराधियों को बेचते थे; तीन गिरफ्तार

by Mujtaba Haider Rizvi
jamshedpur crime news (1)
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : साइबर अपराधियों को फर्जी तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क का जमशेदपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने जियो कंपनी के एक कर्मचारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग ग्राहकों की जानकारी के बिना उनके नाम पर एक से अधिक सिम कार्ड जारी करते थे और अतिरिक्त सिम साइबर अपराधियों को बेच देते थे। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीओएस एजेंट रौनक कुमार, सन्नी कुमार साव और जियो कंपनी के कर्मचारी प्रकाश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों की साइबर अपराधियों के साथ मिलीभगत थी और इसी के जरिए अवैध रूप से सिम कार्ड जारी करने का धंधा चल रहा था।

दूरसंचार विभाग की सूचना पर खुला मामला

पुलिस को इस गिरोह के बारे में दूरसंचार विभाग की ओर से भेजे गए पत्र के माध्यम से जानकारी मिली थी। इसमें कुछ पीओएस एजेंटों के साइबर अपराधियों से संपर्क और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी गई थी। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि पीओएस एजेंटों और जियो कर्मचारी की मिलीभगत से कई सिम कार्ड अवैध तरीके से जारी और एक्टिवेट किए गए थे। इन नंबरों के खिलाफ चक्षु पोर्टल (CHAKSHU) और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी शिकायतें दर्ज थीं।

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जमशेदपुर साइबर अपराध थाना में 1 नवंबर 2026 को कांड संख्या 109/2026 दर्ज किया गया है।

ग्राहक को एक सिम, दूसरा साइबर अपराधियों के हवाले

पुलिस की जांच में ठगी का तरीका भी सामने आया है। आरोपी सीधे-सादे और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे। जब कोई ग्राहक नया सिम कार्ड लेने पहुंचता था, तब उसकी जानकारी के बिना दो या उससे अधिक बार केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली जाती थी। इसके बाद ग्राहक को एक सिम कार्ड सौंप दिया जाता था, जबकि उसी के नाम पर जारी अतिरिक्त सिम कार्ड साइबर अपराधियों को पैसे लेकर बेच दिए जाते थे। इस तरह ग्राहक को पता भी नहीं चलता था कि उसके नाम पर एक से अधिक मोबाइल नंबर जारी हो चुके हैं।

देशभर में साइबर ठगी के लिए हो रहा था इस्तेमाल

पुलिस के मुताबिक, इन अवैध सिम कार्डों का इस्तेमाल देश के विभिन्न हिस्सों में बैंकिंग धोखाधड़ी, वित्तीय ठगी और अन्य साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों के नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी किए और इस नेटवर्क से कितने साइबर अपराधी जुड़े हुए हैं।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(2), 318(3), 319(2), 338, 336(3), 111(3), 111(4) और 61(2) के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66(C), 66(D) तथा दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(E) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Read also Ranchi News : एक साल की उम्र में पिता को खोया, मां के संघर्ष ने बनाया मजबूत; राज्यपाल ने बच्चों को सुनाई अपनी जीवन यात्रा

Related Articles

Leave a Comment