Jamshedpur : जिले में संचालित निजी विद्यालयों की फीस व्यवस्था को पारदर्शी, न्यायसंगत और नियमों के अनुरूप बनाने के लिए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय निगरानी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। मीटिंग में शिक्षा विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने साफ निर्देश दिया कि सभी निजी विद्यालय राज्य सरकार के तय नियमों के तहत ही फीस में वृद्धि करें। किसी भी स्थिति में मनमानी या अनियमित फीस बढ़ोतरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर स्कूल में विधिवत गठित फीस निर्धारण कमिटी के सभी सदस्यों के नाम, पद और संपर्क नंबर स्कूल परिसर में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किए जाएं, ताकि अभिभावकों को जानकारी आसानी से मिल सके और शिकायतों का निवारण भी सरल हो।
उपायुक्त ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फीस रसीद में हर मद का स्पष्ट विवरण हो। जैसे ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, परिवहन शुल्क और परीक्षा शुल्क आदि, ताकि अभिभावकों को यह साफ पता चल सके कि किस मद में कितनी राशि ली जा रही है और किसी तरह का भ्रम न हो।
इसके साथ ही उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या स्कूल से ही किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। अभिभावकों को अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी खरीदारी करने की पूरी स्वतंत्रता होगी। यदि इस तरह की शिकायत मिलती है तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला प्रशासन समय-समय पर स्कूलों की निगरानी करेगा और प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन से अपेक्षा की कि वे शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में प्रशासन का सहयोग करें और अभिभावकों के साथ पारदर्शी और जिम्मेदार व्यवहार अपनाएं।

