
Ranchi (Jharkhand) : कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहे ‘रेल टेका, डहर छेका’ आंदोलन को आजसू पार्टी का खुलकर समर्थन मिला है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो समेत कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर आंदोलनकारियों के साथ खड़े नजर आए।
मूरी रेलवे स्टेशन पर सुदेश ने किया आंदोलन का नेतृत्व
सुदेश महतो खुद मूरी रेलवे स्टेशन पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, जबकि सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो जोगेश्वर बिहार, चंद्रपुरा और पारसनाथ स्टेशनों पर मौजूद रहे। वहीं, मांडू विधायक निर्मल महतो ने चरही स्टेशन पर और पूर्व विधायक सुनीता चौधरी ने बरकाकाना स्टेशन पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बोकारो जिला अध्यक्ष सचिन महतो और केंद्रीय महासचिव संजीव महतो भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहे।
‘गुरुजी और हेमंत सोरेन ने किया था वादा’
मूरी स्टेशन पर आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुरुजी (शिबू सोरेन) और 2019 में खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कुड़मी समाज की मांगों को स्वीकार करते हुए उन पर सहमति जताई थी, लेकिन अब वही पार्टी अपने वादे से पीछे हट रही है।
1931 में एसटी सूची से किया गया था बाहर
सुदेश महतो ने कहा कि कुड़मी समुदाय लगभग 90 सालों से अपने साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय के खिलाफ लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 1931 में इस समुदाय को एसटी सूची से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अब उनके धैर्य की और परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए। आजसू प्रमुख ने राज्य और केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर अविलंब फैसला लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुड़मी समाज ने अपने आंदोलन की ताकत दिखा दी है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

