RANCHI: अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने रांची विश्वविद्यालय प्रशासन के छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों से मिलने के समय को सीमित करने के निर्णय का विरोध करते हुए तुगलकी फरमान फाड़कर विश्वविद्यालय में तालाबंदी की। आजसू ने इसे छात्रों के हितों के खिलाफ और दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय बताया। संघ ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक संस्था ही नहीं बल्कि छात्रों की समस्याओं के समाधान का प्रमुख केंद्र भी है। ऐसे में सप्ताह में केवल शुक्रवार को एक घंटे का समय निर्धारित करना छात्रों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने में बाधा उत्पन्न करेगा। अधिकांश छात्र दूर-दराज क्षेत्रों से आते हैं, इसलिए सीमित समय में अपनी समस्याएं रखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
आजसू ने कहा कि छात्र प्रतिनिधियों का यह दायित्व है कि वे समय-समय पर छात्रों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाएं। इस निर्णय के कारण संवाद प्रक्रिया बाधित होगी और विश्वविद्यालय में असंतोष फैल सकता है। छात्र संघ ने प्रशासन से तुरंत इस निर्णय को वापस लेने की मांग की और प्रतिदिन छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों को अपनी समस्याएं रखने की सुविधा देने की अपील की। संघ ने कहा कि यदि प्रशासन इस निर्णय को वापस नहीं लेता है तो छात्र समुदाय लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन करेगा।
इनकी रही मौजूदगी
मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, प्रदेश सचिव राजेश सिंह, सक्षम झा, रवि रोशन, बिट्टू वर्मा, निशांत लिंडा और राज दुबे उपस्थित थे।
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