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RANCHI NEWS: खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा के बाद बोले सीएम- शहरी श्रमिकों के लिए खोलें दाल भात केंद्र

तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था से कार्यों को प्रदान करें गति

by Vivek Sharma
रांची में खाद्य विभाग की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने शहरी श्रमिकों के लिए नए दाल-भात केंद्र खोलने और योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए।
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RANCHI : मुख्यमंत्री ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में निरंतर प्रगति, खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता और आगामी वित्तीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार का ध्येय है कि राज्यवासियों के जीवन स्तर को किस प्रकार बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि खाद्य वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार को योजनाओं के संचालन में शामिल किया जाएं। बैठक में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ इरफान अंसारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने पीडीएस राशन कार्ड वितरण, खाद्यान्न आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण तथा विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्धि, आगामी कार्ययोजना तथा निर्धारित लक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा के बाद प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रेखा के समान है। इसलिए इसमें किसी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। राशन कार्ड संबंधित मामलों का शीघ्र निष्पादन, नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने तथा अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए।

370 दाल भात केंद्र का संचालन

मुख्यमंत्री दाल भात योजना के अंतर्गत 370 केंद्र का संचालन हो रहा है जहां 5 रुपए में भरपेट भोजन कराया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी श्रमिकों के लिए जगह चिन्हित कर दाल भात केंद्र स्थापित करें। साथ ही मॉडल दाल-भात केन्द्र बनाएं, ताकि जरूरतमंद व्यक्तियों को भरपेट भोजन उपलब्ध हो सके। विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर स्टेप के तहत पीवीटीजी परिवारों मिलने वाले खाद्यान्न मिलता रहे।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान पाया कि 60 लाख क्विंटल लक्ष्य के विरुद्ध झारखंड में 49 लाख 25 हजार क्विंटल धान अधिप्राप्ति हुई। कारीमाटी के किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से ऑनलाइन बातचीत कर धान बिक्री व उसके एवज में हुए भुगतान की जानकारी ली। किसान ने बताया कि उन्होंने 160 क्विंटल धान पैक्स के माध्यम से बिक्री की थी, जिसका भुगतान एक ही दिन में मिल गया है। मुख्यमंत्री ने गोदाम में अनाज के बेहतर रखरखाव का निर्देश दिया। उन्होंने सोना-सोवरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल भात वितरण योजना, मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना आदि की विस्तृत समीक्षा की।

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