चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में प्लेटफार्म विस्तारीकरण को लेकर मंगलवार को गैंगखोली इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। रेल प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से अवैध खटाल और झाड़ियों को हटाया। पहले चरण में 20 झोपड़ियों को तोड़ा गया है।
120 से अधिक झोपड़ियां चिह्नित
गैंगखोली में रेलवे पटरी के बगल करीब 120 से 150 झोपड़ियां अवैध रूप से रेलवे की जमीन पर बनी हैं। रेलवे ने इन्हें हटाने के लिए तीन महीने पहले नोटिस जारी किया था। साथ ही एक सप्ताह पहले मौखिक चेतावनी भी दी गई थी। अतिक्रमण न हटने पर मंगलवार को कार्रवाई शुरू की गई।
तीन पीढ़ियों से रह रहे परिवार
अभियान के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि उनके परिवार तीन पीढ़ियों से अधिक समय से यहां गुजर बसर कर रहे हैं। अचानक झोपड़ियां तोड़ देने से वे बेघर हो गए हैं। बरसात का मौसम आने वाला है, ऐसे में वे कहां जाएंगे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हर बार नोटिस मिलती थी। लेकिन कार्रवाई नहीं होती थी। इस बार अचानक बुलडोजर चला दिया गया।
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि गैंगखोली में रहने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जाए। उसके बाद ही झोपड़ियां तोड़ी जाएं। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जोर जबरदस्ती कर उन्हें हटाया गया तो बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सड़क पर उतर जाएंगे। उनका कहना है कि करीब 50 सालों से अधिक समय से यहां पीढ़ियां गुजर गई हैं। अब परिवारों को हटाना न्यायसंगत नहीं है। रेल प्रशासन विस्थापितों को बसाने का भी काम करे।
जनप्रतिनिधियों से नाराजगी
अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थानीय लोगों ने राहत के लिए जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया। लेकिन किसी से सहयोग न मिलने पर लोगों ने नाराजगी जताई। लोगों ने कहा कि वोट के दौरान बड़े बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जरूरत के समय कोई नजर नहीं आता। सभी जनप्रतिनिधि स्वार्थ भाव से काम करते हैं और सिर्फ वोट के लिए उपयोग करते हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी पक्ष में नहीं आए। फिलहाल रेलवे का कहना है कि प्लेटफार्म विस्तार जनहित में जरूरी है और अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
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