RANCHI: मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा की। जिसमें राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन, मेडिकल शिक्षा, एंबुलेंस सेवा, डिजिटल हेल्थ सिस्टम तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ओला-उबर की तर्ज पर चलेंगे एंबुलेंस
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन को मजबूत करते हुए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही राज्य के सभी नागरिकों, विशेषकर बच्चों का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की दिशा में कार्य करने को कहा। मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय की अहमियत को देखते हुए एंबुलेंस सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना जरूरी है। इसके लिए एआई आधारित कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा ओला-उबर मॉडल की तर्ज पर त्वरित एंबुलेंस उपलब्ध कराने की संभावनाओं का अध्ययन करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों से संबद्ध सभी एंबुलेंस पूरी तरह एक्टिव रहें और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
एएनएम-जीएनएम के रिक्त पदों पर करें नियुक्ति
मानव संसाधन की कमी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने एएनएम और जीएनएम के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखते हुए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियां अलग हैं, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं की संरचना और रणनीति भी उसी अनुरूप तैयार की जानी चाहिए। कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से संबंधित आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाने का निर्देश
सरकारी अस्पतालों में मरीजों के प्रति संवेदनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्था को जरूरत पड़ने पर पीपीपी मोड में संचालित करने का सुझाव भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में यूजी और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही पैरालाइसिस अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसे गंभीर रोगों के इलाज के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने को कहा। कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर और हजारीबाग में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

एक जगह मिलेंगी सभी दवाएं
बैठक में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना पर भी चर्चा हुई। इस योजना के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में एकीकृत औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां ग्रामीणों को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पद्धति की जरूरी दवाएं एक ही स्थान पर नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने किडनी, लीवर और कॉर्निया दान को लेकर लोगों को जागरूक करने तथा अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया। इसके अलावा ब्लड बैंक व्यवस्था को मजबूत करने, ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित करने तथा रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से जामताड़ा के आम डुमरिया हेल्थ सब सेंटर और गिरिडीह के डुमरी रेफरल अस्पताल से जुड़कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों की संख्या, प्रसव सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षित प्रसव और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इन एजेंडों पर हुई चर्चा
- प्रेगनेंट महिलाओं से जुड़ी खबरें सुनने को मिलती है, एंबुलेंस सेवा को लेकर बहुत शिकायत आ रही हैं, यह भी अत्यंत चिंता का विषय है।
- राज्य भर में जो रेफरल सिस्टम है उनका ऑडिट करा कर रिपोर्ट सबमिट करें।
- स्वास्थ्य विभाग अपने निदेशालयों को रीस्ट्रक्चर करने का प्लान सबमिट करें।
- राज्य भर में 4-5 दिवसीय आई चेकअप कैंप लगाने का काम करें।
- आभा कार्ड का ड्राइव पूरे राज्य स्तर पर कैंपेन मोड में चलाने का काम करें। इसे स्कूल, आंगनवाड़ी और कॉलेजों में भी करने का काम करें।
- राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लेटेस्ट मेडिकल टेक्नोलॉजीज का अध्ययन कर प्लान सबमिट करें।
- मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के अंतर्गत सदर अस्पतालों को बेहतर बनाने का काम करें।
- आयुष्मान योजना से निबंधित अस्पतालों का अभी ऑडिट कराकर विभाग रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
- सदर अस्पतालों में एयर कूल कांसेप्ट भी शुरू करने का काम करें।
- सभी मेडिकल कॉलेजों में रीहैब और थेरेपी सेंटर भी शुरू करने का प्लान सबमिट करें।
- राज्य के मेडिकल कॉलेजों में देश के प्रसिद्ध डॉक्टर्स को गेस्ट फैकल्टी के रूप में अभी आमंत्रित करने का काम करें।
- केरल की तर्ज पर राज्य में ऑर्गन डोनेशन (अंगदान) को लेकर विभाग आगे बढ़े।

